कुख्यात गैंगस्टर Anil Dujana ने कैसे रखा जुर्म की दुनिया में कदम? 2001 में दर्ज हुआ था डैकती का पहला मुकदमा
Anil Dujana News: कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को यूपी एसटीएफ ने 04 मई को मुठभेड़ में मार गिराया। अनिल दुजाना में वेस्ट यूपी जुर्म की दुनिया का बड़ा नाम था। आइए जानते हैं दुजाना ने कैसे रखा जुर्म की दुनिया में कदम?

Anil Dujana News: वेस्ट यूपी का कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना गुरुवार 04 मई को यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। अनिल दुजाना जुर्म की दुनिया का बड़ा नाम था। उसका आतंक सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में नहीं, बल्कि पूर्वांचल और हरियाणा तक में फैलने लगा था।
अनिल दुजाना 10 अप्रैल को तिहाड़ जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आते ही दुजाना ने गवाहों को धमकाने की गलती कर दी थी, जिनकी शिकायत पर पुलिस और एसटीएफ एक्शन में आ गईं। हालांकि, दुजाना को इसकी भनक लग गई और वह अपनी पत्नी पूजा के पास जयपुर भाग गया था।
कुछ दिन जयपुर रहने के बाद जैसे ही दुजाना मेरठ पहुंचा तो एसटीएफ के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें अनिल दुजाना मारा गया। आइए जानते हैं अनिल दुजाना ने कैसे रखा जुर्म की दुनिया में कदम?
अनिल दुजाना, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के बादलपुर थानाक्षेत्र स्थित दुजाना गांव का रहने वाला था। अनिल की आपराधिक शुरुआत कुख्यात सुंदर भाटी के शूटर के रूप में हुई थी। हालांकि, वह जल्द ही सुंदर गैंग से अलग हो गया और अपना गैंग खड़ा करना शुरू कर दिया था।
अनिल दुजाना पर पहला मुकदमा साल 2001 में डकैसी का दर्ज हुआ था। वहीं, दूसरा मुकदमा साल 2002 में गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। यह मुकदमा हरवीर पहलवान की हत्या के आरोप में दुजाना पर दर्ज हुआ।
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जिसके बाद अनिल दुजाना ने अपराध की दुनिया में अपने कदम रख दिए और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस दौरान सुंदर भाटी के विरोधी गैंगस्टर रणदीप भाटी और उसके भांजे अमित कसाना ने अनिल दुजाना ने हाथ मिला लिया था। दरअसल, महेंद्र फौसी और सतबीर गुर्जर की अदावत से पश्चिमी यूपी में गैंगवॉर की शुरुआत हुई थी।
इसके बाद सुंदर भाटी और नरेश भाटी के बीच गैंगवॉर होने लगी थी। सुंदर भाटी और नरेश भाटी दोनों कभी सतबीर गुर्जर के गुर्गे थे। सुंदर भाटी ने जिला पंचायत अध्यक्ष बन चुके नरेश भाटी की 2004 में हत्या कर दी थी। नरेश की हत्या के बाद उसके भाई रणदीप भाटी और भांजे अमित कसाना ने बदला लेने की ठानी।
इसके लिए ही उन्होंने अनिल दुजाना से हाथ मिलाया था। क्योंकि, अनिल दुजाना पहले सुंदर भाटी का शूटर था और भाटी गैंग का साथ छोड़कर उसने अपना गैंग बना लिया था। साहिबाबाद स्थित भोपुरा में नवंबर 2011 को सुंदर भाटी के साले की शादी थी।
रणदीप, दुजाना और कसाना ने एक-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, इसमें तीन लोग मारे गए थे। हालांकि, इस शुटआउट में सुंदर भाटी बच निकला था। लेकिन, इस तिहरे हत्याकांड के बाद फरार चल रहे अनिल दुजाना को पुलिस ने जनवरी 2012 में गिरफ्त कर लिया था और जेल भेज दिया था।
दुजाना ने जेल से गैंग चलाना शुरू कर दिया और रणदीप भाटी और अमित कसाना उसके गुर्गे बन गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिल दुजाना जेल से ही हत्या कराता था। सुंदर भाटी से अनिल दुजाना की दुश्मनी का नया किस्सा जनवरी 2014 में शुरू हुआ, जब सुंदर भाटी ने अनिल के घर पर हमला कराया।
इस हमले में अनिल के भाई जय भगवान की मौत हो गई थी। इस मामले में अनिल दुजाना के पिता ने सुंदर भाटी समेत 8 के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं, दुजाना गैंग ने सुंदर भाटी के गुर्गे राहुल की हत्या कर जय भगवान की मौत का बदला लिया।
जनवरी 2021 में अनिल दुजाना जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद अनिल दुजाना ने बागपत की रहने वाली पूजा से शादी की ली थी। लेकिन, 2022 में दिल्ली के चिल्ला गांव में गिरफ्तारी के बाद दुजाना तिहाड़ जेल चला गया था।
अनिल दुजाना पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों में गिना जाता था। उसके खिलाफ 18 हत्याओं के मामले दर्ज थे। इसके साथ-साथ रंगदारी, लूट, जमीन कब्जा और आर्म्स एक्ट के कुल मिलाकर 60 केस अनिल दुजाना पर दर्ज थे और उसके खिलाफ NSA भी लगाया जा चुका था।












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