जोरदार हंगामे के साथ यूपी का बजट सत्र शुरू, कहां से आएंगे 3.6 लाख करोड़
योगी सरकार का पहला बजट आज, 3.6 लाख करोड़ रुपए की होगी जरूरत, विपक्ष के जोरदार हंगामे की उम्मीद
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद पहली बार प्रदेश का बजट प्रस्तुत करने जा रहे हैं। भाजपा सरकार के पहले बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। यह बजट सत्र विपक्ष के जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ है। यूपी का बजट सत्र 28 जुलाई तक चलेगा। इस बजट सत्र में योगी आदित्यनाथ के सामने कई चुनौतिया हैं, जिनसे पार पाना योगी सरकार के लिए आसान नहीं होगा।

3.6 लाख करोड़ राजस्व की जरूरत
यूपी सरकार के पहले बजट पर योगी सरकार के सामने किसानों के कर्जमाफी के ऐलान के बाद उसके लिए 36 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता है, इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है। ऐसे में तमाम योजनाओं पर नजर डालें तो योगी सरकार को कुल 3.6 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। ऐसे में यह देखने वली बात होगी कि इतना राजस्व योगी सरकार कैसे जुटाती है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए योगी सरकार को 34 हजार करोड़ रुपए का बोझ आएगा।

कई मुद्दों पर नजर
भाजपा सरकार को जिस तरह से प्रदेश की जनता ने प्रचंड बहुमत दिया है, उसके बाद जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना योगी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। किसानों की कर्जमाफी के अलावा योगी सरकार के सामने सातवा वेतन आयोग का मुद्दा सबसे बड़ा है, कि कैसे वह इसे लागू करेगा। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हम समाज के हर हिस्से को इस बजट में शामिल करने की पूरी कोशिश करेंगे।

विपक्ष के हंगामे के आसार
प्रदेश में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष योगी सरकार को घेरने के लिए तैयार है। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ काफी बढ़ा है, वह इस मुद्दे को पूरे जोर-शोर के साथ सदन में उठाएंगे। इसके अलावा किसानों के मुद्दों और गरीबों की आवाज को वह सदन में मजबूत करेंगे और उनकी तमाम समस्याओं को वह सदन में उठाएंगे। हालांकि योगी सरकार विपक्ष के हंगामे से अवगत है, लिहाजा सरकार ने भी विपक्ष के हंगामे से निपटने के लिए अपनी योजना बना ली है। वित्त मंत्री का कहना है कि विपक्ष का काम होता है हंगामा करना, लेकिन हम सदन को चलाना जानते हैं।

प्रचंड बहुमत है योगी सरकार के पास
योगी सरकार को यूपी में 403 में से 325 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जबकि विपक्ष पास सदन में महज 74 सीटें हैं, इस लिहाज से सदन में योगी सरकार काफी मजबूत दिखती है, लिहाजा विपक्ष के सामने भी यह चुनौती होगी कि वह कैसे तमाम मुद्दों को सदन में रख पाती है। आपको बता दें कि पिछळे सत्र में विपक्ष के विधायकों ने राज्यपाल राम नाईक पर कागज के गोले फेंके थे, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था।












Click it and Unblock the Notifications