Fasal Bima Yojana: सिर्फ 31 जुलाई तक मौका! एक चूक से बर्बाद हो सकती है आपकी पूरी मेहनत
Fasal Bima Yojana: खरीफ सीजन की फसलों को सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते इस योजना का लाभ उठाएं, जिससे प्राकृतिक आपदा में राहत मिल सके।
इस बारे में जानकारी देते हुए मंडलायुक्त वाराणसी, एस. राजलिंगम ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में किसानों को राहत देने के उद्देश्य से यह बीमा योजना चलाई जा रही है। इसमें धान, मक्का, बाजरा, ज्वार और अरहर जैसी प्रमुख खरीफ फसलें शामिल की गई हैं।

अब तक मंडल में 1.20 लाख से अधिक ऋणी किसान और लगभग 5 हजार गैर ऋणी किसान योजना में अपना पंजीकरण करा चुके हैं। बीमा के लिए अधिकृत संस्था के तौर पर एसबीआई जनरल इंश्योरेंस को नियुक्त किया गया है।
गैर ऋणी किसानों के लिए ये हैं जरूरी दस्तावेज
गैर ऋणी किसानों को बीमा के लिए अपना आधार कार्ड, बुवाई घोषणा पत्र, बैंक पासबुक की फोटोप्रति और खतौनी की नकल जमा करनी होगी। ये दस्तावेज लेकर वे निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर या संबंधित बैंक शाखा में आवेदन कर सकते हैं।
वहीं ऋणी किसानों को किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। वे सीधे अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं। प्रीमियम जमा करने के बाद बीमा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
किन जोखिमों को कवर करती है यह योजना?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से लेकर कीट और रोगजनित नुकसान तक, कई प्रकार के जोखिमों को कवर करती है। बुवाई न हो पाने की स्थिति, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, या मौसम जनित विपदा इसके दायरे में आती है।
ओलावृष्टि, बिजली गिरना, जल भराव, भूस्खलन, चक्रवात से हुई क्षति और कटाई के बाद खेत में सुखाई जा रही फसल को नुकसान की दशा में भी योजना लाभ प्रदान करती है। इससे किसानों को आर्थिक राहत सुनिश्चित होती है।
बीमा दावा करने के लिए 72 घंटे में देनी होगी सूचना
बीमित किसान को किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी या संबंधित कार्यालय को सूचना देनी होगी। ऐसा न करने पर दावा निरस्त किया जा सकता है। इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 14447 पर दी जा सकती है।












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