फर्रुखाबाद: तहसील दिवस में जनता की समस्याएं सुनने के बजाय फेसबुक पर मस्त दिखे अधिकारी
फर्रुखाबाद। तहसील दिवस में उमड़ी भीड़ को देख कर तो बस यही लगता है की जनता की समस्यायों पर अधिकारी और कर्मचारी ध्यान नहीं देते और जनता दर दर भटकती रहती है। यह नजारा आज सदर तहसील में हुए तहसील दिवस का है जहां पर सैकड़ों की संख्या में फरियादी पहुंचे थे। भीषण गर्मी से बेहाल फरियादी सिर्फ यही कहते नजर आए कि समस्या के समाधान के लिए कितनी बार आना पड़ेगा। इस दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी ,एसपी अतुल शर्मा के साथ जिले का प्रशसनिक अमला सदर तहसील में मौजूद था। लेकिन हैरानी की बात ये रही कि अधिकारी ज्यादातर अपने मोबाइल पर फेसबुक और व्हाट्सप में मस्त दिखे। फरियदियों से खचाखच भरी भीड़ सामने खड़ी होने के बावजूद अधिकारियों के इस हाल से साफ़ जाहिर है जमीनी स्तर पर शिकायत का निस्तरण किस प्रकार होता होगा।

जनता, महिलाएं, बुजुर्ग, विक्लांग आए दिन अपनी शिकायत करते रहते हैं और भोली भाली जनता को न्याय के नाम पर कुछ भी नहीं मिलता। वहीं जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा राजस्व की शिकायत मिली हैं जिनका निस्तारण तुरंत तुरंत संभव नहीं होता। वहीं अन्य अधिकारियों ने अधिकतर फरियादियों की घरेलू शिकायत होने की बात कहते हुए किनारा कर लिया। वास्तव में निचले स्तर के अधिकारी अपनी मर्जी से काम करते है जिसका नतीजा तहसील दिवस पर हजारों की संख्या में फरियादियों का आना बयां कर हहा था।
फेसबुकर और वॉट्सअप चलाते अधिकारियों का ये रवैया बता रहा था कि सरकार चाहे किसी की भी हो लेकिन कर्मचारी अपने अंदर बदलाव नही लाएंगे। न्याय यदि जमीन के लिए पाना हो तो जिस दिन जमीन की पैमाइश होने को होती है। तो कभी पुलिस नहीं होती तो कभी लेखपाल नहीं होता है। इसी प्रकार जनता न्याय की आस में अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर लगाती रहती है। अब देखना यह होगा कि योगी सरकार के आदेशों का पालन जिले के अधिकारी पूरा कर रहे है या सिर्फ खानापूर्ति कर रहे है।












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