हर रोज आत्महत्या कर रहे शिक्षामित्र, अखिलेश दे रहे आश्वासन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षक के पदों पर तैनाती पर रोक लगायी है, उसके बाद एक के बाद शिक्षामित्रों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है।

मैनपुरी में एक शिक्षामित्र की तबियत खराब होने के चलते पति ने फांसी लगा ली जबकि दो और शिक्षामित्रों ने भी नौकरी जाने के बाद फांसी लगा ली है।
मैनपुरी में नगमा मूले की तबियत बिगड़ते के बाद आहत विकलांग पति दीपेंद्र ने फांसी लगाकर जान दे दी है। अभी तक एक दर्जन से अधिक शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली है।
वहीं 18 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान शिक्षामित्र पीएम से मिलने के लिए कूच कर चुके हैं। शिक्षामित्रों ने पीएम के सामने आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं।
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने शिक्षामित्रों को आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में पूरी तरह से शिक्षामित्रों का साथ देंगे। इसके लिए वो कानूनी रास्ता ढूंढ रहे हैं और जल्द ही कोई ना कोई समाधान निकल जाएगा। उन्होंने शिक्षामित्रों से आंदोलन को खत्म करने की अपील की थी












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