Exit Poll Result 2024: उत्तर प्रदेश में BSP को भारी नुकसान? राजनीतिक जानकार बता रहे हैं ये वजह
Uttar Pradesh lok sabha Exit Poll Result 2024: लोकसभा चुनाव मतदान संपन्न हो जाने के बाद विभिन्न एजेंसियों द्वारा एग्जिट पोल जारी किया जा रहा है। अधिकतर एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती दिखाई जा रही है।
इसके अलावा इंडिया गठबंधन द्वारा जो दावा किया जा रहा था। एग्जिट पोल में वह दावा फेल साबित हो रहा है। यदि एग्जिट पोल के आंकड़ों पर हम उत्तर प्रदेश पर निगाह डालें तो यूपी में बसपा को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है।

विभिन्न एग्जिट पोल में यूपी में इस बार बसपा को एक भी सीटें नहीं मिल रही हैं। एग्जिट पोल के आंकड़ों में काफी समय बाद ऐसा होगा कि उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी यूपी में इतनी कमजाेर होने जा रही है।
आंकड़ों पर यदि ध्यान दें तो रिपब्लिक मैट्रिक, इंडिया न्यूज़ डी डायनॉमिक्स, इंडिया टीवी, जन की बात, टाइम्स नाउ वीएमआर द्वारा जारी एग्जिट पोल में उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी को 0 सीटें बताई जा रही हैं।
इस बारे में राजनितिक जानकारों से बात किया गया तो इसके पीछे की जो वजह सामने आई वह भी हैरान करने वाली है। यूपी में बसपा का कोर वोटर इस बार एनडीए और इंडिया गठबंधन की तरफ रुख किया है।
राशन वितरण के चलते बसपा के वोट हुए डायवर्ट
वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र सिंह बताते हैं कि भाजपा सरकार द्वारा चलाए जा रहे राशन वितरण योजना के लाभ के चलते बसपा के कोर वोटर माने जाने वाले कुछ दलित मतदाता बीजेपी की तरफ चले गए हैं।
इसी तरह इस बार इंडिया गठबंधन द्वारा एनडीए सरकार आने पर संविधान बदलने की बात भी कही जाती रही। ऐसे में संविधान और बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर में आस्था रखने वाले कुछ वोटर इंडिया गठबंधन की तरफ डायवर्ट हो गए।
मुस्लिम वोटर भी बसपा से हुए दूर
राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि मुस्लिम मतदाता बहुजन समाज पार्टी की बजाय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में जाना बेहतर समझ रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि बहुजन समाज पार्टी में मायावती के अलावा कोई बड़ा नेता या उत्तराधिकारी नहीं है।
वरिष्ठ पत्रकार विनय मौर्य कहते हैं कि मायावती ने जिस तरह से अपने भतीजे आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान जिम्मेदारी दी, उससे उन्हें एक बात का अहसास हो गया कि बसपा यूपी में फिर से मजबूत स्थिति में आने वाली है।
आकाश आनंद ने भी कई जनसभा को संबोधित किया और कई ऐसे बयान दिए जो सोशल मीडिया में छाए रहे, लेकिन बाद में मायावती ने खुद ही आकाश आनंद से सारी जिम्मेदारियां वापस ले लीं। ऐसे में बसपा मतदाताओं को निराश होना पड़ा।












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