Etah Fake Encounter: एटा एनकाउंटर को 16 साल बाद कोर्ट ने कहा फर्जी, 9 पुलिसकर्मी दोषी करार
उत्तर प्रदेश के एटा में 16 साल पहले हुए एनकाउंटर को कोर्ट ने फर्जी करार दिया है। इस मामले में कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

Etah Fake Encounter: उत्तर प्रदेश के एटा में 16 साल पहले हुए एनकाउंटर को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फर्जी बताते हुए 9 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने जिन 9 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है उसमे तत्कालीन एसएचओ भी शामिल हैं। एसएचओ पवन सिंह, पाल सिंह थेनवा, राजेंद्र प्रसाद, सरनाम सिंह, मोहमकाम सिंह को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अन्य दोषी बलदेव प्रसाद, सुमेर सिंह, अजय कुमार और अवधेश रावत को कोर्ट ने 5-5 साल की सजा सुनाई है, इन लोगों पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इन लोगों पर जानबूझकर सबूतों को मिटाने का दोषी पाया गया है।
बता दें कि 18 अगस्त 2006 में कारपेंटर राजाराम के घर पर पुलिस ने एनकाउंटर किया था। यह एनकाउंटर एटा के सुनहरा गांव में हुआ था। इस एनकाउंटर में राजाराम की मृत्यु हो गई थी। आरोपी पुलिसवाले जोकि सिधपुरा थाने पर तैनात थे, उन्होंने राजाराम को डकैत बताकर फर्जी एनकाउंटर में मार दिया। राजाराम की पत्नी संतोष कुमारी ने इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इस मामले में जांच की मांग की। 1 जून 2007 को हाई कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया। सीबीआई ने मामले में सबूत इकट्ठा किए और अपनी चार्जशीट आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पेश कर दी।












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