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Electricity Crisis: यूपी में कोयले की कमी से गहराया बिजली संकट, गांवों में शुरू हुई भारी कटौती

Electricity Crisis: यूपी में कोयले की कमी से गहराया बिजली संकट, गांवों में शुरू हुई भारी कटौती

लखनऊ, 10 अक्टूबर: त्योहरों का सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में उत्तर प्रदेश के अंदर बिजली की मांग बढ़ने लगी। लेकिन कोयले की कमी के चलते प्रदेश के अंदर बिजली का भारी संकट खड़ा हो गया है। मांग के मुकालबे उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बिजली की आपूर्ति कम होने की वजह से देहाती इलाकों में भारी कटौती की जा रही है। अगर जल्दी ही कोयले की कमी दूर नहीं हुई तो शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती की जा सकती है।

Electricity Crisis: Power supply is being affected due to shortage of coal in Uttar Pradesh

प्रदेश में उत्पन्न हुए बिजली संकट को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी व केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखा है। सीएम ने अपने पत्र में यूपी को कोयले की आपूर्ति शीघ्र सामान्य कराने का अनुरोध किया है। अमर उजाला की खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था का दारोमदार प्रदेश के चार पावर प्लांटों के अलावा प्राइवेट क्षेत्र के आठ प्लांट और एनटीपीसी के करीब डेढ़ दर्जन बिजलीघरों से मिलने वाली बिजली पर है। लेकिन कोयले की भारी कमी के चलते सोनभद्र पावर प्लांट की इकाइयां एक-एक कर बंद होती जा रही हैं। यहां उन्हें बिजली उत्पादन में कमी करनी पड़ी है।

बता दें, कोयले की कमी से प्रदेश में लगभग 6873 मेगावाट बिजली की उपलब्धता घट गई है, जिसके कारण बिजली सकंट खड़ा हो गया है। दरअसल, प्रदेश में बिजली की मांग 17000 मेगावाट के आसपास बनी हुई है, जबकि उपलब्धता 15000-16000 मेगावाट हो पा रही है। ऐसे में 2000 मेगावाट तक की कटौती करनी पड़ रही है। 2000 मेगावट की कमी के चलते हालात यह हो गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होनी चाहिए थी। वहां 12 से 13 घंटे के बीच ही हो पा रही है। तो वहीं, तहसीलों क्षेत्रो में 21 घंटे के बजाय करीब 17 घंटे बिजली आपूर्ति हो पा रही है।

हरदुआगंज में समाप्त हुआ कोयले का स्टॉक
बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो अगर यही हालात रहे तो जल्द ही शहरी क्षेत्रों में भी भारी कटौती शुरू हो सकती है। बिजली उत्पादन में आई कमी का सीधा असर ग्रामीणों क्षेत्रों में पड़ रहा है। ग्रामीणों इलाकों में भारी बिजली कटौती हो रही है। वहीं, राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारियों का कहना है कि हरदुआगंज व पारीछा में कोयले का स्टॉक लगभग समाप्त हो गया है। जबकि अनपरा में दो और ओबरा में ढाई दिन का कोयला शेष बचा है।

कोयले का स्टॉक व रोजाना की जरूरत
बिजली घर स्टॉक जरूरत
हरदुआगंज 4022 8000
पारीछा 9682 15000
अनपरा 86426 40000
ओबरा 42433 16000
(आंकड़े मीट्रिक टन में; अनपरा से मिली जानकारी के अनुसार)

जल्द दूर होगा बिजली संकट: श्रीकांत शर्मा
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की मानें तो उत्तर प्रदेश में बिजली संकट जल्द दूर हो जाएंगा। श्रीकांत शर्मा ने ट्वीट कर लिखा,

प्रिय उपभोक्ता, विभिन्न कारणों से विद्युत उत्पादन इकाइयों में कोयले की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे निर्बाध विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है। आपको हो रही असुविधा के लिए खेद है। यह समस्या जल्द दूर कर आपूर्ति सामान्य की जाएगी। संयुक्त सचिव, कोयला मंत्रालय की अध्यक्षता में गठित सब ग्रुप, सप्ताह में दो बार कोल आपूर्ति की निगरानी कर रहा है। केंद्र सरकार व कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य स्रोतों से बिजली खरीद की जा रही है।

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