शिवपाल के हटते ही समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर लगा यह नया आदेश
पिता, पुत्र और परिवार के द्वंद में जूझ रही समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी अपने स्तर पर कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते। शायद इसीलिए प्रदेश कार्यालय पर ऐसा आदेश लगा दिया गया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्ता प्रतिष्ठान समाजवादी पार्टी में नए-नए आदेशों का दौर जारी है। ताजा मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सपा के कार्यालय का है। जहां कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है जिस पर लिखा है ' कार्यालय में मोबाइल लेकर आना सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित है। आगन्तुक कृप्या अपना मोबाइल बाहर रखें।' फिर नीचे लिखा गया है 'आज्ञा से प्रदेश अध्यक्ष'।

बता दें कि यह पोस्टर सपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से सपा के यूपी इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के आने के बाद लगाया गया है। पोस्टर पर अध्यक्ष से मिलने का समय भी दिया गया है। माना जा रहा है कि यह पोस्टर पर लिखा गया आदेश, पार्टी के दो खेमों में बंट जाने की वजह से लिया गया है। कहा जा रहा है कि पिता और पुत्र के आदेशों के द्वंद से जूझ रहे पार्टी पदाधिकारी अपने स्तर से कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते।
गौरतलब है कि लगातार विवादों के कारण सुर्खियों का हिस्सा बन रही सपा में रविवार (1 जनवरी) को बड़ा बदलाव उस वक्त हुआ जब प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हुए मुलायम सिंह यादव को मार्गदर्शक मंडल की ओर रवाना कर दिया गया। रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में हुए अधिवेशन को मुलायम ने असंवैधानिक ने बताया था। वो सोमवार को ही अपने भाई और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के साथ पार्टी की स्थिति के संबंध में निर्वाचन आयोग जाने के लिए दिल्ली पहुंच गए थे। वहीं रविवार को लिए गए फैसले पर अखिलेश ने कहा कि आप जिससे प्यार करते हैं, उस बचाने के लिए कुछ फैसले लेने पड़ते हैं। बता दें कि नरेश उत्तम रविवार को ही सपा की यूपी इकाई के अध्यक्ष बनाए गए हैं। अखिलेश के करीबी नरेश पिछड़े वर्ग से हैं। साथ ही जब अखिलेश पार्टी अध्यक्ष थे तो नरेश उपाध्यक्ष थे। ये भी पढे़ं: मुलायम सिंह यादव पड़े अकेले, अखिलेश के साथ गए पुराने करीबी












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