क्या विपक्ष के पास नहीं है योगी के बुलडोजर की काट, जानिए कैसे BJP के भीतर ही चल रही देखादेखी की राजनीति
लखनऊ, 5 मई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर को एक तरह से सुशासन का प्रतीक बना दिया है। हालांकि यूपी चुनाव के दौरान भी कई मौके ऐसे आए जब बुलडोजर की कार्रवाई की गई। इससे जनता के बीच एक संदेश गया कि सरकार चाहे तो अपराधियों पर नकेल कस सकती है। यूपी में जैसे ही बुलडोजर ने एक पहचान बनायी उसके बाद यह फार्मूला एमपी, गुजरात, राजस्थान के बाद दिल्ली में यूपी का फॉर्मूला अपनाया गया। राजनीतिक पंडितों का यह कहना है कि योगी के बुलडोजर की काट अभी भी विपक्ष नहीं ढूंढ पाया है। हालांकि सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने ललितपुर की घटना को लेकर तंज कसते हुए कहा है कि थाने पर बाबा का बुलडोजर कब चलेगा।

यूपी में पांच सालों तक चला बुलडोजर
योगी का बुलडोजर पांच साल तक चला, लेकिन यूपी चुनाव के दौरान यह और अधिक उजागर हो गया। खासकर जब विपक्ष ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाना शुरू किया तो भाजपा ने इसे सकारात्मक तरीके से उछालना शुरू कर दिया। योगी की रैलियों में बुलडोजर खड़े होने लगे। एक वीडियो में वो खुद मुस्कुराते और कहते सुनाई दे रहे थे, 'देखो वो बुलडोजर भी मेरी सभा में खड़ा है.' 'बुलडोजर बाबा' की छवि ने जल्द ही कानून-व्यवस्था को लेकर यूपी सरकार की पहचान बदल दी।

UP चुनाव में बड़ा मुद्दा बना बुल्डोजर
यूपी चुनाव में कानून-व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा था। चुनाव में सपा शासन के दौरान अपराध और अपराधियों की बात करें तो बीजेपी ने जनता का वोट मांगा तो दूसरी तरफ मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, विजय मिश्रा जैसे तमाम माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाए गए। 10 मार्च को जब नतीजे आए तो लोगों ने बीजेपी की बुलडोजर नीति का समर्थन करते हुए एक बार फिर योगी सरकार बना ली। बाद में उत्सव के समय बुलडोजर को सजाया और खड़ा किया गया। लोगों ने योगी को बुलडोजर खिलौने भी भेंट किए। दोबारा सीएम पद की शपथ लेने के बाद भी यूपी में बुलडोजर गरज रहा है।

बीजेपी शासित राज्यों में भी हुई बुलडोजर की नकल
उत्तर प्रदेश में पिछले पांच सालों के दौरान योगी सरकार ने जिस तरह से बुलडोजर का इस्तेमाल किया उसकी देखादेखी अन्य राज्यों ने भी कॉपी की और अपने यहां भी बुलडोजर का इस्तेमाल किया। मध्य प्रदेश हो चाहे गुजरात हो हर जगह बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। राजनीतिक विश्लेषक कुमार पंकज की माने तो अन्य जगहों पर भी योगी सरकार की नकल की गई। इससे जनता के मन में एक विश्वास पैदा करने की कोशिश की गई। ये सही है कि योगी सरकार ने बुलडोजर को एक तरह से सुशासन का प्रतीक बना दिया था जिसकी वजह से उसे दूसरे राज्यों में भी कॉपी करने की कोशिश की गई।












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