30 मिनट का ऑपरेशन बताकर OT में रखा 2 घंटे, गुर्दा लेकर भागते मिले डॉक्टर
मुजफ्फरनगर। पथरी के ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने आंधे घंटे का समय मांगा था, लेकिन मरीज को डॉक्टरों ने OT में दो घंटे से ज्यादा रखा। परिजनों ने अंदर झांककर देखा तो उन्होंने पाया की मरीज तो बेहोश है लेकिन डॉक्टर किडनी लेकर भाग रहे थे। परिजनों ने डॉक्टर को पकड़कर उसकी कार से किडनी को निकाल लिया। इसके बाद परिजनों ने हॉस्पिटल के अंदर जमकर हंगामा काटा। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पहुंच गई। वहीं, डॉक्टर का कहना है कि मरीज की जान बचाने के लिए परिजनों की सहमति पर मरीजा की किडनी को निकालना पड़ा था। फिलहाल पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

आधे घंटे के ऑपरेशन में तीन घंटे का समय लगा
मुजफ्फरनगर के मीरापुर के मोहल्ला मुश्तर्क निवासी इकबाल उर्फ सुक्खा (60) की किडनी में 15 एमएम की पथरी थी, जिसे निकालने के लिए परिजनों ने उसे शुक्रवार सुबह नई मंडी क्षेत्र के जैन मिलन विहार स्थित गर्ग हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों ने बताया कि शाम के समय इकबाल की पथरी निकालने के लिए डॉक्टर विभु गर्ग ने ऑपरेशन किया था, जिसके लिए डॉक्टर ने करीब आधा घंटे का समय परिजनों को दिया था। इकबाल के बेटे इमरान का कहना है कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद डॉक्टर ने उनसे आनन-फानन में दो यूनिट ब्लड मंगाया। इसके बाद आधा घंटे के ऑपरेशन में तीन घंटे का समय लगाया गया।

गुर्दे को लेकर चुपचाप भाग रहे थे डॉक्टर
परिजनों का आरोप है कि उन्हें बिना बताए डॉक्टर विभु गर्ग ने इकबाल का गर्दा निकाल लिया। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर गर्ग उक्त गुर्दे को लेकर चुपचाप हास्पिटल से अपनी गाड़ी से जा रहे था। इसकी भनक लगने पर परिजनों ने डॉक्टर की कार को रोककर उससे गुर्दा छीन लिया। इसके बाद डॉक्टर से गुर्दा निकालने के बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने वहां से भागने का प्रयास किया, जिसे पकड़ लिया गया। इसके बाद परिजनों ने हॉस्पिटल में हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, सीओ मंडी योगेंद्र सिंह ने बताया कि सीएमओ द्वारा इस मामले में जांच की जा रही है। फिलहाल गुर्दा सील कर फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। सीओं ने बताया कि फिलहाल परिजनों की तरफ से अभी तहरीर प्राप्त नहीं हुई तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। वहीं, डॉक्टर विभु गर्ग ने बताया कि पथरी के दौरान मरीज के गुर्दे में इंफेक्शन हो गया था, जिसकी जानकारी उन्हें ऑपरेशन के दौरान हुई। इसके बाद भी मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। उसकी जान बचाने के लिए एक बार फिर से परिजनों की सहमति लेकर ही मरीज का गुर्दा निकाला गया, जिसे ऑपरेशन के तुरंत बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया था।
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