रायबरेली: डॉक्टर भगवान, मुफ्त में बरसों से कर रहे मरीजों का इलाज
जिला अस्पताल के डॉक्टर, सीएमओ और न्याय विभाग के न्यायधीश तक ने इनकी चिकित्सा पद्धति से इलाज कराकर फायदा लिया है।
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक डॉक्टर भगवानदीन यादव हैं जो काफी बरसों से इस जिले में ही नहीं कई, अन्य जिलों में भी नि:शुल्क सेवाभाव से लोगों को बीमारी से राहत देने का काम करते आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर, सीएमओ और न्याय विभाग के न्यायधीश तक ने इनकी चिकित्सा पद्धति से इलाज कराकर फायदा लिया है।

वर्ष 1996 से रायबरेली मे सक्रिय डॉक्टर भगवानदीन पूर्व में संस्थागत विद्यालय में बाबू के पद पर तैनात रहे। बारांबकी में नौकरी के दौरान इन्हें भयंकर कमर दर्द हुआ। एलोपैथिक इलाज से लाभ नहीं मिला तो इन्होने एक्यूप्रेशर पद्धति से अपना इलाज कराया। तीन माह में ये बिलकुल ठीक हो गए। इसके बाद उन्होंने एक्यूप्रेशर को आत्मसात कर लिया। इलाहाबाद में एक्यूप्रेशर थेरेपी में डिप्लोमा करने के बाद पहले बाराबंकी फिर लखनऊ और आखिर में अपने पैतृक जिला रायबरेली आ गए। यहां अब तक उन्होंने 50 से ज्यादा कैंप लगाकर पांच हजार से ज्यादा मरीजों को बिना दवा के ठीक किया।
उनके सेवाभाव से प्रभावित होकर प्रभावशाली लोगों ने उन्हें कैंप लगाने के लिए जगह उपलब्ध करायी । यहां तक कि एक अधिकारी ने कलक्ट्रेट में उन्हें तीन माह तक कैंप लगाने की अनुमति दे दी। उन्हीं से यह कला सीखकर कई लोग निःशुल्क समाज सेवा कर रहे है।
फीस न दवा, बस लोगों का इलाज
डाक्टर भगवानदीन एक्यूप्रेशर थेरेपी से मरीजों का इलाज करते है। मरीज की नब्ज टटोलकर उसकी बीमारी जान लेते हैं। फिर उस बीमारी को दूर करने के लिए शरीर के ही किसी खास अंग पर चुंबक, मेथी दाना या लकड़ी से प्रेशर देकर मरीज का इलाज शुरू करते हैं। महज तीन से चार दिन में फायदा मिलना शुरू हो जाता है।
इन्हे मिला स्वास्थ्य से लाभ
रायबरेली के जिला जज जकीउल्ला खां सीने में दर्द से परेशान रहते थे। उन्हे इस थेरेपी से लाभ मिला। इसके अलावा कई अधिकारियो, कर्मचारियों व नेताओं का इलाज वो कर चुके हैं। यहां सिटी मजिस्ट्रेट रहे ज्वाला प्रसाद को एड़ी में भयंकर दर्द होता था। एक्यू्प्रेशर से एक सप्ताह के भीतर उन्हें फायदा मिला , जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर भगवानदीन को कलेक्ट्रेट में ही तीन महीने का कैंप लगाने की अनुमति दे दी। इस कैंप में कलक्ट्रेट परिसर में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों व अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।
पूर्व विधायक के घर किया इलाज
लगभग 17 साल पहले सरेनी के पूर्व विधायक सुरेन्द्र बहादुर सिंह के घर तेजगांव में उन्होने एक्यूप्रेशर का कैंप लगा। नौ दिन में नौ सौ से ज्यादा लोगों का इलाज किया गया। कैंप में मरीजों को इलाज की तकनीक भी बतायी गयी ताकि भविष्य में दिक्कत हो तो वे स्वयं अपना इलाज बिना दवा के कर सकें।
और उठ खड़ी हुई बबली
सत्य नगर निवासी बबली यादव स्लिप डिस्क और साइटिका के चलते चल नहीं पाती थी। दो दिन घर पर इलाज हुआ तो बबली में पैदल चलने की हिम्मत आयी। वह तीन महीने तक लगातार रिफार्म क्लब आकर उपचार कराती रही। अब वह बिल्कुल ठीक है।
सेवाभाव से मिलती है खुशी
डॉक्टर भगवानदीन बताते हैं कि मैं केवल इस शहर में सेवाभाव से काम कर रहा हूं और ये चिकित्सा निःशुल्क कर रहा हूं और रिफॉर्म क्लब में जो जगह मुझे दी गई है, वह अधिवक्ता शंकर लाल गुप्ता ने उन्हें उपलब्ध करायी है। अधिवक्ता की कोहनी और कंधे में कई बरसों से दर्द रहता था, जो कि एक्यूप्रेशर से ठीक हो गया। इसके अलावा दीवानी न्यायालय, गायत्री षक्तिपीठ, प्रेसक्लब व धार्मिक स्थलों में भी उनके नि:शुल्क कैंप लगाए जा रहे हैं।












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