UP Congress: अजय राय को मिला मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का इनाम?

कांग्रेस ने यूपी के दिग्गज नेता अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

Uttar Pradesh: लोकसभा चुनाव को लेकर हर राजनीतिक दल अपने दांव पेंच में लग गया है। बीजेपी ने एक तरफ जहां अपने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी पूर्वांचल के कद्दावर नेता और पांच बार से विधायक रहे पूर्व मंत्री अजय राय को यूपी की कमान सौंपी है। सवाल ये उठ रहा है कि क्या अजय राय को मोदी के खिलाफ लड़ने का इनाम मिला है या कांग्रेस में उनकी कड़ी मेहनत की वजह से पार्टी को खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

योगी

अजय राय ने मोदी के खिलाफ लड़ा था चुनाव

अजय राय ने 2014 और 2019 में पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि अजय राय दोनों बार तीसरे नंबर पर रहे थे लेकिन उन्होंने चुनाव में उतरकर कांग्रेस का भरोसा जीतने में कामयाबी हासिल की। कांग्रेस के सूत्रों की माने तो मोदी को लगातार चुनौती देने का उनका जज्बे ने ही उनको राहुल और प्रियंका गांधी का करीबी बनाने का काम किया।

राय के जुझारूपन को देखकर बनाया था क्षेत्रीय अध्यक्ष

मोदी के खिलाफ चुनाव में उतरकर हार न मानने के जज्बे के साथ राय ने चुनाव लड़ा था। उनके जुझारूपन को देखकर ही कांग्रेस आलाकमान ने कुछ समय पहले ही उनको क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया था और 12 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी थी। कांग्रेस आलाकमान के विश्वास पर वह यहां भी खरे उतरे और उन 12 जिलों में लगातार काम किया और इसी का नतीजा है कि कांग्रेस ने उनको यूपी की कमान सौंप दी।

आलाकमान की उम्मीदों पर खरा उतरुंगा

हालांकि जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से पूछा गया कि क्या मोदी के खिलाफ लड़ने का इनाम मिला है, तो उन्होंने कहा, '' मैं राहुल गांधी का सिपाही हूं और कांग्रेस के लिए मरते दम तक काम करुंगा। मोदी के खिलाफ लड़ने से नहीं बल्कि मेरे काम को देखकर अलाकमान ने मेरे उपर विश्वास जताया है और मैं उसपर पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करूंगा।''

लंबे समय बाद किसी बड़े नेता को मिली पूर्वांचल की जिम्मेदारी

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता कल्पनाथ राय के बाद अजय राय पहले नेता हैं जो इतने बड़े ओहदे पर पहुंचने में कामयाब हुए हैं। कांग्रेस के नेता बताते हैं कि कमलापति त्रिपाठी के बाद पहली बार हुआ है जब पूर्वांचल को तवज्जो दी गई है और राय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राय के सामने चुनौतियां भी हैं। इसको लेकर राय कहते हैं कि चंदौली से लेकर गाजियाबाद तक कांग्रेस को खड़ा करने की जिम्मेदारी है ओर इससे पीछे नहीं हटूंगा।

गाजीपुर जिले के मूल निवासी हैं अजय राय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय को गुरुवार को ही कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे राय का कार्यकर्ताओं ने शानदार स्वागत किया। कांग्रेस ने बड़े ही रणनीतिक तरीके से राय का पहला कार्यक्रम उनके गृहजनपद गाजीपुर में लगाया है। गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में हर साल 18 अगस्त को शहादत दिवस मनाया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में उनके समाज के लोगों को जमावड़ा होता है।

मोहम्मदाबाद में शहीद दिवस में शामिल हुए अजय राय

गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में 18 अगस्त को शेरपुर गांव के आठ लोग 1947 में एक ही साथ अंग्रेंजों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। इस मौके पर हर साल इसी दिन को शहीद दिवस मनाया जाता है। गाजीपुर समेत आसपास के जिलों में उस समुदाय का ज्यादा प्रभाव माना जाता है जिस समुदाय से वह आते हैं। इसलिए इस गढ़ में बीजेपी को काउंटर करने के लिए उनको मैदान में उतारा गया है।

Did Ajay Rai get the reward of contesting elections against Modi?
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