ACS होमगार्ड पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप की जांच करने की मांग, पूर्व IPS ने सीएम योगी को लिखा पत्र
लखनऊ, 12 अगस्त: पूर्व आईपीएस अधिाकरी अमिताभ ठाकुर तथा डॉ नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग के एसीएस अनिल कुमार पर भारी भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच की मांग की है। अमिताभ ठाकुर ने एक गुमनाम शिकायत का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि उन्हें प्राप्त एक गुमनाम शिकायत के अनुसार एसीएस अनिल कुमार ने होमगार्ड विभाग में एक दागी अफसर को सतर्कता अधिकारी बनाया है।

इसी प्रकार नॉएडा फर्जी ड्यूटी कांड में आरोपी राम नारायण चौरसिया तथा गिरिराज सिंह एवं अवैध संपत्ति की जांच सहित अन्य गंभीर आरोपों के आरोपी ए पी सिंह तथा गिरीश कटियार को जाँच प्रचलित होने के बाद भी नियमों के खिलाफ पदोन्नत करते हुए उन्हें मलाईदार तैनाती दी।
नियमों की अनदेखी कर दी गई मनचाही तैनाती
के एच मिश्रा, चन्द्र मोहन मिश्रा तथा दिलीप यादव को बिना विकल्प दिए ही नियम के विपरीत अच्छी तैनाती दी गयी। अनिवार्य सेवानिवृति के लिए संस्तुति किये गए रणजीत सिंह को तथ्यों को छिपाकर नियमों को दरकिनार कर पदोन्नति व अच्छी तैनाती दी गयी।
अनिल कुमार ने शासन द्वारा सम्बद्धता पर रोक लगाने के बाद भी इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, हवालदार, बाबू, चपरासी, कुक, कहार आदि लगभग 1000 कर्मचारियों को अवैध ढंग से सम्बद्ध कर रखा है जिसके लिए मनमानी वसूली होती है। अमिताभ तथा नूतन ने इन्हें अत्यंत गंभीर आरोप बताते हुए उच्चस्तरीय जाँच कराते हुए कार्यवाही की मांग की है।
यूपी सरकार ने अमिताभ को कर दिया था जबरन रिटायर
योगी सरकार ने दो महीने महीने पहले ही पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जबरन सेवा निवृत्ति दे दी थी। उनके साथ दो अन्य आईपीएस अधिकारियों को भी जबरन रिटायर किया गया था। इसके बाद अमिताभ ने यूपी सरकार के इस आदेश को केंद्र सरकार और कैट के समक्ष चुनौति दी थी। केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के फैसले को सही ठहराया था जबकि कैट में चल रहे मामले में यूपी सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है जिसमें सरकार ने अपने फैसले को सही ठहराया है।












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