सरयू नहर में तैरता मिला बाघ का शव, वन विभाग में हड़कंप
बहराइच। कतर्नियाघाट सेंचुरी के ककरहा रेंज से गुजरने वाली सरयू नहर शाखा में एक बाघ का शव तैरता दिखा। ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो सकते में आ गए। सूचना पाकर फील्ड डायरेक्टर, वन्यजीव प्रतिपालक व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी के साथ मौके पर पहुंचे हैं। नहर से बाघ के शव को निकालने की कवायद शुरू की गई है। बाघ की मौत किन कारणों से हुई है अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद में अधिकारी कारण स्पष्ट होने की बात बता रहे हैं।

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र दुर्लभ वन्यजीवों का विहार स्थल है। इस जंगल में बाघ और तेंदुओं के साथ अन्य वन्यजीव विचरण करते हैं। सेंक्चुरी क्षेत्र के ककरहा रेंज से होकर सरयू नहर की गंगापुर-भिउरा शाखा गुजरी है। लोग जब नहर तट पर मवेशियों को घास चरा रहे थे तो लोगों ने नहर में बाघ का शव उतराता देखा। इससे सभी दहशत में आ गए। तत्काल रेंज कार्यालय को सूचना दी गई। वन दरोगा महेंद्र कुमार, वन रक्षक रूपनरायन शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को बाघ का शव नहर में उतराने के मामले से अवगत कराया। इस पर दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर सुनील चौधरी, वार्डेन सीताराम अहरिवार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन, रेंजर विकास कुमार अस्थाना, डीएफओ जीपी सिंह मौके पर पहुंचे। फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि नहर के अंदर से बाघ का शव निकालने के लिए जाल मंगवाया गया है। जाल की मदद से शव निकाला जाएगा।

फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। बाघ का पोस्टमार्टम जिले के तीन डॉक्टरों के पैनल से होगा या बरेली वन्यजीव संस्थान भेजा जाएगा। यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश के अनुसार कार्रवाई करेंगे। फिलहाल शव को निकालकर रेंज कार्यालय ले जाया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा।












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