Danish Azad Ansari:योगी कैबिनेट का अकेला मुस्लिम चेहरा, 32 साल की उम्र में मंत्री बने दानिश का सियासी सफर
लखनऊ, 25 मार्च: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 37 सालों बाद यूपी में योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रचा है। योगी की कैबिनेट में इस बार सभी जातियों को खुश करने के लिए हर जाति के लोगों को शामिल किया गया है वहीं एक मुस्लिम विधायक दानिश आज़ाद अंसारी को मंत्री बनाया गया है।

योगी कैबिनेट के अकेले मुस्लिम मंत्री
दानिश आज़ाद अंसारी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के महामंत्री रहे हैं जिन्हें योगी कार्यकाल 2 की कैबिनेट में शामिल किया गया है। जिसने सभी को चौेंका दिया है।

दानिश के मंत्री बनने से खुश हुए भाजपा मुस्लिम नेता
नई सरकार में दो डिप्टी सीएम समेत कुल 51 मंत्री ने शपथ ली। सरकार में अधिकांश पुराने मंत्रियों को मंत्रिमंडल में रखा जाएगा। वहीं दानिश आजाद अंसारी को मंत्री बनाए जाने पर भाजपा मुस्लिम नेताओं और भाजपा मुस्लिम सपोर्टस काफी उत्साहित हैं। भाजपा में शामिल मुस्लिम नेता कह रहे हैं हमारे अल्पसंख्यक मोर्चे के लिए ये बहुत गर्व की बात है l दिल की गहराईयों से मुबारकबाद दे रहें हैं।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के महामंत्री हैं
आज़ाद अंसारी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के महामंत्री हैं और लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहे दानिश अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे।
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लखनऊ विवि के छात्र रहे दानिश आजाद अंसारी बलिया के हैं मूल निवासी
दानिश आजाद अंसारी बलिया के बसंतपुर के निवासी है। महज 32 साल में मंत्री बनने वाले दानिश ने 2006 में लखनऊ विवि से बीकॉम की डिग्री लेने के बाद मास्टर ऑफ क्वालिटी मैनेजमेंट और उसके बाद मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की है।

चुनाव से पहले दी गई थी ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
2017 चुनाव में दानिश ने भी नेता के रूप में जमकर मेहनत की थी। 2018 में दानिश फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के सदस्य रहे, बाद में उन्हें उर्दू भाषा समिति का सदस्य बनाया गया था। अक्टूबर 2021 में दानिश को भाजपा ने उन्हें अहम जिम्मेदारी देते हुए अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री पद सौंपा। इस पद पर रहते हुए दानिश ने भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों को भाजपा से जोड़ा। खासकर मुस्लिम युवाओं को उन्होंने जोड़ा

बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बन गए दानिश
2022 यूपी विधानसभा चुनाव में बिना किसी सीट पर चुनाव लड़े ही दानिश को मंत्री बनाया गया है। दानिश को मंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें नियमत: अगले 6 महीने के अंदर यूपी किसी ने किसी विधानसभा क्षेत्र से (या एमएलसी सदस्य के रूप में) चुनकर आना होगा। दानिश उन चेहरों में शामिल हैं जो पार्टी के लिए मेहनत करते रहे हैं।भाजपा के कद्दावर अल्पसंख्यक नेता मोहसिन रजा की जगह दानिश आजाद ये अहम जगह दी गई है। छात्र राजनीति के समय से दानिश आजाद अंसारी ने खुलकर एबीवीपी ही नहीं भाजपा और आरएसएस के लिए युवाओं के बीच माहौल बनाया है और अल्पसंख्यक आयोग की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद से मुस्लिम वोट भाजपा के लिए जुटाने के लिए उन्होंने दिन-रात एक कर दिया था। एक सयम में दानिश की लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र नेता के तौर पर आवाज गूंजती थी।












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