माल्या से मुलाकात के मामले में जेटली पर एफआईआर दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे कांग्रेसी
कानपुर। वित्त मंत्री अरुण जेटली पर विजय माल्या को भगाने का आरोप लगाकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुकदमा दर्ज करने के लिए कानपुर कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया है। कानपुर कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि विजय माल्या को विदेश भगाने में अरुण जेटली का हाथ है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि उनपर जांच चलने तक उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

जिला कांग्रेस कमेटी ने दिया प्रार्थनापत्र
कानपुर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता जिलाअध्यक्ष के नेतृत्व में अरुण जेटली के खिलाफ नारे लगाते हुए कोतवाली पहुंचे और वित्त मंत्री पर मुकदमा दर्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया। हालांकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से दिए गए प्रार्थना पत्र को सीओ कोतवाली ने ले लिया और जांच करने की बात कही है। जिलाअध्यक्ष का कहना है कि लंदन में अदालत के बाहर विजय माल्या ने खुद स्वीकार किया है कि वह देश छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मिले थे। इससे यह साबित होता है कि देश के हजारों करोड़ रुपये लेकर भागने वाले विजय माल्या को भगाने में अरुण जेटली का हाथ है।

माल्या के सहयोग का आरोप
अरुण जेटली ने किस के आर्थिक हितों को लेकर विजय माल्या को भागने में सहयोग किया है इस पर जांच होनी चाहिए। कांग्रेसियों ने कोतवाली थाने में प्रार्थना पात्र देकर मांग की है कि अरुण जेटली के खिलाफ जांच कराई जाए और जब तक उनकी जांच चले तब तक उनसे इस्तीफा लिया जाए। क्योंकि अगर यह पद पर रहेंगे तो दबाव बनाकर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
कोतवाली थाने में प्रार्थना देने के बाद ईमेल के जरिये अरुण जेटली पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा अगर सत्ता के दबाव में उस पर कार्रवाई नहीं की जायेगी तो कांग्रेस पार्टी अदालत की चौखट पर जाएगी।

कांग्रेस का आरोप, भ्रष्टाचार में डूबी है भाजपा
जिलाअध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के नेता शुरू से कह रहे हैं कि पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। अरुण जेटली ने कहा था कि 2014 से विजय माल्या से मुलाकात नहीं हुई जबकि कल खुद जेटली ने स्वीकार किया कि विजय माल्या से कुछ देर बात हुई थी। वहीं सीओ कोतवाली का कहना है कि कोंग्रेसियों के द्धारा एक प्रार्थना पत्र मिला है। मामले में कार्वाई की जाएगी।












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