अखिलेश यादव के मार्च पर बिफरे सीएम योगी, बोले- सपा से शिष्टाचार की उम्मीद ही बेकार

लखनऊ, 19 सितंबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने सरकार के विरोध में पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध जताया वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के भीतर सपा पर जमकर हमला बोला और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाना और आंदोलन गलत बात नहीं है। मगर समाजवादी पार्टी से किसी तरह की शिष्टाचार की उम्मीद करना ही बेकार है। हांलाकि सत्र के पहले दिन दिवंगत बीजेपी विधायक अरविंद गिरी को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बीजेपी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। योगी ने कहा कि यूपी का विधानमंडल देश के किसी भी विधानमंडल से सबसे बड़ा विधानमंडल है। स्वाभाविक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों पर विश्वास करने वाले सभी नागरिकों को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के कार्यवाही का हिस्सा हम बनाएंगे।

योगी ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी के हितों के लिए डबल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। डबल इंजन की सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खडे प्रत्येक व्यक्ति के लिए काम कर रहे हैं। यूपी में अराजकता फैलाने का किसी को अधिकार नहीं मिला है। कोरोना से लड़कर प्रदेश ने आगे बढ़ने का काम किया है। उस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। आज सरकार प्रदेश में 38 करोड़ से अधिक वैक्सीन उपलब्ध कराने में भी सफल रही है।

इससे पहले रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक की अध्यक्षता की थी और सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन के लिए उनका सहयोग मांगा था। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए थे। सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने स्पीकर को सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन में अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया था।

अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है और विपक्षी दलों को अपना सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे जिन लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं उनकी आकांक्षाओं को पूरा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा, "यह सदन और सदस्यों की गरिमा में इजाफा करेगा यदि वे अपना ध्यान लोगों के मुद्दों को संबोधित करने पर केंद्रित करते हैं। राज्य के लोगों ने बड़ी उम्मीदों के साथ सदन के सदस्यों को चुना है। यूपी विधानसभा देश की सबसे बड़ी राज्य विधानसभा भी है।"

स्पीकर सतीश महाना ने विपक्षी नेताओं का सहयोग मांगते हुए कहा, "यूपी सबसे बड़ी राज्य विधानसभा होने के नाते बाकी राज्यों के लिए रोल मॉडल है।" उन्होंने कहा कि सकारात्मक बातचीत और लोगों के मुद्दों पर बहस ने लोकतंत्र की भावना को मजबूत किया है। स्पीकर ने सभी विपक्षी दलों के नेताओं से विधानसभा में अपने मुद्दों को उठाते हुए संसदीय गरिमा के सिद्धांतों का पालन करने का आग्रह किया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+