UP News: विभाजन दिवस पर CM योगी ने कहा- कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ में देश को त्रासदी की ओर धकेला
मुख्यमंत्री योगी ने विभिषिका दिवस के मौके पर कुछ लोगों को जमकर खरी खोटी सुनाई।
UP CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विभिषिका दिवस के मौके कहा कि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ को राष्ट्र से ऊपर रखकर इस देश को विभाजन की त्रासदी की ओर ढकेला था। ये केवल राजनीतिक या जमीन के टुकड़ों का विभाजन नहीं था, बल्कि ये मानवता के दो दिलों के विभाजन का एक त्रासदीपूर्ण निर्णय था, जिसकी कीमत आज के ही दिन 1947 में लाखों लोगों को चुकानी पड़ी थी।

स्वार्थ कभी राष्ट्र से उपर नहीं हो सकता
योगी ने कहा कि, इतिहास को विस्मृत करके कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता, इसीलिए आज हमारा संकल्प होना चाहिए कि मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ, मेरे परिवार, मेरी जाति, मेरे मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा का स्वार्थ कभी भी मेरे राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकता।
योगी ने विभाजन दिवस पर दी श्रद्धांजलि
ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान अपने उद्बोधन में कहीं। योगी ने कहा कि आश्चर्य होता है जब 1947 में देश का विभाजन होना ही था तो फिर पाकिस्तान और बांगलादेश से भारत में आज भी घुसपैठ क्यों हो रही है।
मानवता के कल्याण के लिए दें श्रद्धांजलि
योगी ने कहा कि अगर उन्हें पाकिस्तान ही उतना प्यारा था तो उन्हें उस पाकिस्तान की समृद्धि और मानवता के कल्याण और समृद्धि के लिए वहीं से नया संदेश पूरी दुनिया को देना चाहिए था। मगर उन्होंने इतिहास से सबक नहीं सीखा। परिणाम सबके सामने है। विभाजन की विभीषिका को झेलते हुए भी 140 करोड़ की आबादी वाला भारत जाति, मत, मजहब, उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम के भेद को समाप्त करते हुए, एक भारत श्रेष्ठ भारत के संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है।
पाकिस्तान में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार
उन्होंने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि मजहब के आधार पर वे सुरक्षित हो जाएंगे, तो पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान भी एक ही मजहब वाले थे। पूर्वी पाकिस्तान में पश्चिमी पाकिस्तान ने कितना अत्याचार किया किसी से छिपा नहीं है। पाकिस्तानी सेना ने बांगलादेश की माताओं और बहनों के साथ कैसा क्रूर व्यवहार किया ये हर कोई जानता है।
अखंड भारत के रूप में महाशक्ति बनने में देर नहीं लगती
योगी ने कहा कि अगर 1947 में भारत अपनी आजादी के जश्न को अखंड भारत के रूप में मनाता तो आज दुनिया के लिए इसे महाशक्ति बनने में देर नहीं लगती। मगर जिन्हें भारत की इस ताकत से परेशानी थी, उन्होंने भारत का विभाजन किया। किसी को पद चाहिए था किसी को प्रतिष्ठा चाहिए थी। यह तिथि हमें नई प्रेरणा देती है। इतिहास के उन दु:खद क्षणों से कुछ सबक लेने के लिए प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री ने किया प्रदर्शनकी का अवलोकन
श्रद्धांजलि सभा से पूर्व मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभाजन से जुड़ी स्मृतियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभाजन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों से मिलकर उस दौर में हुए अत्याचारों की दास्तां भी सुनी और विभाजन के दौरान हुए दानवीय उत्पीड़न पर आधारित लघु चलचित्र को भी देखा।












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