68500 शिक्षक भर्ती घोटाला: सीएम योगी ने की बड़ी कार्रवाई, रजिस्ट्रार व उप रजिस्ट्रार को हटाया
इलाहाबाद। 68, 500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में हुई गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर सचिव अपर मुख्य सचिव डॉ.प्रभात कुमार ने ये रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी जिसके बाद उन्होंने सीएम के आदेश पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी के रजिस्ट्रार जीवेन्द्र सिंह ऐरी और उप रजिस्ट्रार प्रेम चन्द्र कुशवाहा को निलंबित कर दिया है। साथ ही परीक्षा के पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के सात अफसरों के खिलाफ अनुशासनिक जांच का निर्देश दिया है।

शिक्षक भर्ती में आए दिन नई गड़बड़ियां सामने आने और इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होने से नाराज हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया था कि वह तीन दिन में पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत कराएं ताकि इस मामले में उचित कार्रवाई की जा सके। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रमुख सचिव चीनी एवं गन्ना विकास की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉ.प्रभात कुमार को सौंपी। अपर मुख्य सचिव ने शुक्रवार सुबह जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी। जिसके बाद इन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि कॉपियों को चेक करने में भारी लापरवाही बरती गई। लिखित परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ी की खबरों पर 9 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलंबित कर दिया था। जांच टीम ने अपनी छानबीन में पाया कि 343 कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई थी। जिन कॉपियों में गड़बड़ी थी उनमें से 51 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल थे लेकिन उन्हें फेल कर दिया गया था। अब वे उत्तीर्ण की श्रेणी में हैं। वहीं 53 ऐसे सफल अभ्यर्थी इस परीक्षा में फेल पाए गए हैं जिन्हें शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिल चुकी थी, अब उनकी नियुक्ति रद्दी की जाएगी। बता दें कि चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय भुसरेड्डी की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी की जांच के आधार पर ये कार्रवाई की गई है।
जो अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए 11 से 20 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं की स्क्रूटनी में नंबर जोड़ने में गलतियां करने वाले परीक्षकों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का निश्शुल्क पुनर्मूल्यांकन कराने का मौका दिया है।












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