Yogi Adityanath Birthday: गढ़वाली अजय कभी नहीं बन पाते फायरब्रांड नेता योगी! एक झगड़े ने बदल दी पूरी जिंदगी
Yogi Adityanath Birthday Special: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक साधारण से गांव पंचूर में जन्मे अजय सिंह बिष्ट, आज उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे ताकतवर चेहरा बन चुके हैं।
एक साधु से सांसद फिर मुख्यमंत्री और अब राष्ट्रीय राजनीति में संभावित प्रधानमंत्री चेहरों में शुमार- ये यात्रा जितनी कठिन रही, उतनी ही प्रेरणादायक भी।

एक झगड़े ने बदल दी पूरी जिंदगी
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1994 में गोरखपुर के गोलघर बाजार में एक मामूली झगड़े ने इस युवा सन्यासी के भीतर छिपे 'एंग्री यंग मैन' को जगा दिया। गोरखनाथ मंदिर के इंटर कॉलेज के छात्रों के साथ हुए विवाद के बाद एक युवा ने प्रदर्शन की अगुवाई की।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, गोरखपुर के गोलघर बाजार में गोरखनाथ मंदिर के इंटर कॉलेज के कुछ छात्र कपड़ा खरीदने पहुंचे। वहां एक दुकानदार से विवाद हुआ, बात बढ़ी और दुकानदार ने रिवॉल्वर तक निकाल ली। घटना के दो दिन बाद छात्रों का गुस्सा फूटा। एक युवा संन्यासी के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन हुआ। ये कोई और नहीं बल्कि अभी-अभी नाथ संप्रदाय के उत्तराधिकारी बने योगी आदित्यनाथ थे। यही वो लम्हा था जिसने गोरखपुर की राजनीति को एक नया चेहरा दिया।
गोरखपुर की राजनीति में उभरता चेहरा
ये वही दौर था जब गोरखपुर की राजनीति में पुराने बाहुबली नेताओं का असर कम हो रहा था। ऐसे में योगी आदित्यनाथ युवा छात्र नेताओं के लिए महंत दिग्विजयनाथ जैसी छवि बनकर सामने आए। धीरे-धीरे उन्होंने न केवल गोरखपुर, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मजबूत पकड़ बना ली।
धर्म, राजनीति और नेतृत्व- तीनों में साधना
- 1993: राम मंदिर आंदोलन से प्रेरित होकर घर छोड़ा और महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बने
- 1998: 26 साल की उम्र में पहली बार गोरखपुर से सांसद बने
- 1998-2014: लगातार 5 बार सांसद रहे
- 2014: गुरु महंत अवैद्यनाथ के निधन के बाद गोरखनाथ पीठ के महंत बने
- 2017: पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री बने
- 2022: दोबारा सीएम बनकर इतिहास रचा- यूपी के पहले मुख्यमंत्री जो लगातार दो कार्यकाल पूरे कर रहे हैं
कानून-व्यवस्था की नई परिभाषा
योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक शैली सख्त रही है। अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई हो या माफिया के खिलाफ बिना समझौते की नीति- योगी ने खुद को एक निर्भीक और निर्णायक नेता के रूप में स्थापित किया है। यही वजह है कि योगी आज एक राजनीतिक ब्रांड बन चुके हैं।
लेखन और साधना में भी अग्रणी
मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारियों के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ योग, साधना और हिंदू राष्ट्रवाद पर कई किताबें भी लिख चुके हैं:
- यौगिक षट्कर्म
- हठयोग: स्वरूप एवं साधना
- हिंदू राष्ट्र नेपाल
- राजयोग: स्वरूप एवं साधना
2025 में योगी आदित्यनाथ: एक राष्ट्रीय नेता की छवि
आज 2025 में योगी आदित्यनाथ न सिर्फ उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे मजबूत और भरोसेमंद चेहरे हैं, बल्कि भाजपा के भीतर उन्हें संभावित प्रधानमंत्री चेहरों में भी देखा जा रहा है। उनका प्रशासनिक अनुभव, लोकप्रियता, कानून व्यवस्था पर पकड़ और हिंदुत्व की स्पष्ट विचारधारा उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ले आई है।












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