68500 सहायक अध्यापक भर्ती में लिखित परीक्षा का रास्ता साफ, योगी कैबिनेट ने कर दिया नियमावली में बदलाव

इलाहाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूलों में शुरू हुई 68500 सहायक भर्ती में लिखित परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है । सरकार ने नियमावली में बदलाव कर लिखित परीक्षा को मंजूरी दे दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 में 22 वां संशोधन योगी कैबिनेट द्वारा मंजूर कर लिया गया है। अब सहायक अध्यापक भर्ती लिखित परीक्षा से ही कराई जाएगी और लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी शिक्षक बन सकेंगे। गौरतलब है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती को लिखित परीक्षा के जरिए कराए जाने का विरोध अभ्यर्थियों ने किया था और हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसके बाद से ही सरकार अध्यापक सेवा नियमावली में बदलाव का प्रयास कर रही थी और अब नियमावली में 22 वा संशोधन करते हुए लिखित परीक्षा के जरिए ही टीचर भर्ती कराने का निर्णय लिया गया है।

 सरकार के फैसले को चुनौती

सरकार के फैसले को चुनौती

68500 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा कराए जाने के सरकार के फैसले को याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था और कहा था कि जब शिक्षक पात्रता परीक्षा लिखित कराई जा रही है तब विभाग को सहायक अध्यापकों की भर्ती सीधे करानी चाहिए। अभ्यर्थियों का यह भी कहना था कि भर्ती लिखित परीक्षा कराने का कोई औचित्य नहीं है और ना ही सरकार को इसका कोई अधिकार है। अभ्यर्थियों ने पूर्व में हुई भर्तियों का भी हवाला दिया और शैक्षणिक गुणांक की प्रक्रिया को सही ठहराते हुए उस तरह से ही भर्ती प्रक्रिया कराए जाने की मांग की।

किया गया संशोधन

किया गया संशोधन

याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा तो सरकार ने कोर्ट से इसके लिए समय मांग लिया था और अब लिखित परीक्षा कोर्ट आर्हता के बजाय चयन प्रक्रिया का हिस्सा बना दिया है। हालांकि याचिका के जवाब में बेसिक शिक्षा विभाग ने भी हलफनामा दाखिल किया और बताया कि टीईटी केवल पात्रता परीक्षा है। सहायक अध्यापक की भर्ती लिखित परीक्षा से ही कराई जाएगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद यह जरूरी था की नियमावली में संशोधन कर लिखित परीक्षा की व्यवस्था करा दी जाए, जिससे यह समस्या ही खत्म हो जाए। योगी कैबिनेट ने मंगलवार को ही नियमावली में 22 वें संशोधन को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद से लिखित परीक्षा कराए जाने का रास्ता साफ हो चुका है।

अब लिखित परीक्षा चयन प्रक्रिया

अब लिखित परीक्षा चयन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में अब टीचर भर्ती के दौरान लिखित परीक्षा लिखित परीक्षा अर्हता नहीं होगी, बल्कि यह चयन प्रक्रिया का हिस्सा होगी। नियमावली में बदलाव के बाद अब लिखित परीक्षा को लेकर अभ्यार्थी कोई मांग नहीं कर सकेंगे। क्योंकि तकनीकी तौर पर सरकार के सामने जो समस्या थी उसे संशोधन के द्वारा दूर कर दिया गया है। दरअसल नियमावली में बदलाव के बाद लिखित परीक्षा को सूची 8 में रखा गया था और यह सूची आर्हता से संबंधित है। जिसकी वजह से हाईकोर्ट में इस नियम को चैलेंज किया गया था, लेकिन अब लिखित परीक्षा को नियमावली की सूची 14 में रखा गया है जो चयन प्रक्रिया से संबंधित है। यानी सरकार ने विवादित स्थिति को ही खत्म कर दिया है।

 अभी तक शैक्षिक गुणांक के आधार पर होता था चयन

अभी तक शैक्षिक गुणांक के आधार पर होता था चयन

अभी तक परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक भर्ती शैक्षिक गुणांक के आधार पर होती थी, लेकिन उत्तर प्रदेश में पहली बार योगी सरकार शिक्षक भर्ती के लिए शैक्षिक गुणांक के अलावा लिखित परीक्षा को भी जरूरी कर रही है। बता दें कि 68500 शिक्षक भर्ती में लिखित परीक्षा को शामिल करने के बाद अभ्यर्थियों द्वारा तमाम विवाद हाईकोर्ट में खड़े कर दिए गए थे। सरकार ने शिक्षक भर्ती में लिखित परीक्षा को अनिवार्य बनाने के लिए अब नियमावली में संशोधन कर दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+