बीएचयू हिंसा: डॉक्टर्स और परिजनों की भिड़ंत का वीडियो आया सामने, यूनिवर्सिटी प्रशासन हुआ मौन
वाराणसी। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में 24 तारीख की रात को सर सुंदर लाल चिकित्सालय में रेजीडेंस डॉक्टरों और मरीज के परिजनों के विवाद के बाद आगजनी और तोड़फोड़ की स्तिथि बनाने वाली हाथापाई का सीसीटीवी सामने आ गया है। बीएचयू परिसर में तनाव बना हुआ था और इसपर काबू पाने के लिए जिले के आलाधिकारियों को दिन से लेकर देर रात तक छात्रों को समझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि पहले एक रेजीडेंस डॉक्टर मरीज के परिजन के साथ बहसा-बहसी कर रहा है और ब्लैक टी शर्ट में मरीज के तीमारदार पर हाथ उठा देता है जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई होती है। सर्जरी वार्ड में मौजूद अस्पताल के बाकी स्टॉफ और रेजीडेंस डॉक्टर उसे धक्का देकर बाहर कर देते हैं जिससे नाराज होकर तीमारदार वार्ड से ही फोन कर कैम्पस के छात्रों को अपने साथ हुई बदसलूकी की जानकारी देता है।

अक्सर हुआ है रेजीडेंस डॉक्टरों और यूनिवर्सिटी छात्रों के बीच विवाद
24 सितंबर को एक तरफ जहां रेजीडेंस डॉक्टरों के इस व्यवहार के बाद कैम्पस में रुइया और धन्वन्तरि छात्रावास के साथ बिड़ला के लड़कों के बच्चो के नाम पर जहॉ कुछ अवांछनीय लोगो ने परिसर का माहौल इतना खराब कर दिया था कि कई बिल्डिंग में आग के साथ गाड़िया फूंकी गयी और इस सब पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

यही नहीं करीब 500 छात्रों पर इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई तो रेजीडेंस डॉक्टर अपने पिटाई का आरोप लगा कर काम से बहिष्कार कर दिया लेकिन ये कोई पहला मामला नहीं जब इलाज के विवाद के कारण कैम्पस के सर सुंदर लाल चिकित्सालय के रेजीडेंस डॉक्टर और यूनिवर्सिटी के अलग अलग छात्रावासों के बीच ऐसी नौबत न आई हो ऐसे में इस सीसीटीवी के सामने आने से ये साफ हो जाता है कि गलतियां रेजीडेंस डॉक्टरों की भी हो सकती है तो फिर अक्सर बाकी छात्र ही बलि का बकरा क्यों बनते हैं।
ये भी पढ़ें- राहुल गांधी चोर हैं, सात पुश्तों तक नहीं बन सकते PM- बीजेपी मंत्री












Click it and Unblock the Notifications