स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज, हिंदू देवी-देवताओं पर की थी अभद्र टिप्पणी
उत्तर प्रदेश में लखनऊ की एक विशेष अदालत ने देवी लक्ष्मी और अन्य हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने के लिए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शोषित समाज पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 153((ए), 505(2) और धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वजीरगंज पुलिस ने कहा कि पूर्व मंत्री के खिलाफ 2008 एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश पर वजीरगंज थाने में केस दर्ज किया गया है। इससे पहले याचिकाकर्ता रागिनी रस्तोगी ने अदालत से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका दाखिल की थी।

याचिकाकर्ता के मुताबिक, 15 नवंबर 2023 को अखबार में स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान प्रकाशित हुआ था। इस बयान का शीर्षक था 'चार हाथों के साथ लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती हैं'? याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान से भारत में हिंदू धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया गया कि स्वामी प्रसाद मौर्य पहले भी कई बार हिंदू धर्म का अपमान करने वाले बयान देकर हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते आ रहे हैं।
इसके बाद सांसद विधायक अदालत (MP-MLA Court) के विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने वजीरगंज थाने को स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने का निर्देश जारी किया था।
इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहले रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को धोखा बता दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने हिन्दू धर्म को एक धोखा करार दिया था।
आपको बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देकर अपना एक राजनीतिक दल गठित किया है।












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