कैबिनेट की बैठक में 9 प्रस्तावों पर लगी मुहर; गंगा एक्सप्रेस वे पर सरकार का फोकस, 92 फीसदी काम पूरा
लखनऊ, 2 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 12 प्रस्तावों को शामिल किया गया था जिसमें से 9 पर कैबिनेट की मुहर लगी है। इसमें सबसे खात बात यह रही कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरह ही अब सरकार का पूरा फोकस गंगा एक्सप्रेस वे पर रहेगा। कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता और मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए अब तक 92 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। इस एक्सप्रेस वे पर भी एयर स्ट्रिप का निर्माण किया जाएगा।

सिद्धार्थनाथ सिंह ने बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट की बैठक में 12 बिंदुओं पर चर्चा हुई। आज महत्वपूर्ण विषय था एक्सप्रे वे। आने वाले समय मे यूपी 1 ट्रिलियन इकॉनमी के लिए एक्सप्रेस वे की भूमिका होगी। गंगा एक्सप्रेस 26 नवंबर 2022 को इसका अनुमोदन हुआ था। यह 36230 करोड़ की लागत से बनने वाला प्रोजेक्ट है। इसमें सिविल वर्क 19754 करोड़ और भूमि क्रय 2255 करोड़ की लागत आएगी।
जल्दबाजी में की गई थी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की घोषणा
उन्होंने कहा कि पूर्व में विपक्ष ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के मामले में भी इसी तरह की घोषणा की थी और बोली दस्तावेज जारी किया था। "चुनाव का समय था और वे जल्दी में थे। हालांकि, एक प्रावधान है कि जब तक 80 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाता है, तब तक आप निविदा दस्तावेज जारी नहीं कर सकते। आज हम निविदा दस्तावेज जारी कर रहे हैं जब 92.02 प्रतिशत भूमि उपलब्ध है और अधिग्रहण पूरा हो गया है।
6 लेन का होगा एक्सप्रेस वे, आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा
बताया कि एक्सप्रेस-वे छह लेन का होगा, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसमें चार पैकेज हैं और प्रत्येक पैकेज की लागत 5,000 रुपये से लेकर 5,800 करोड़ रुपये तक है। एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर होगी, और इसमें एक हवाई पट्टी भी शामिल होगी। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को एक्सप्रेस-वे पर उन स्थानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है जहां औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। शुरुआती चरण में नौ जगहों पर जन सुविधाएं होंगी और बाद में इसे बढ़ाया जाएगा।
ललितपुर जिले में बनेगा हवाई अड्डा
उन्होंने बतायाक एक अन्य परियोजना ललितपुर जिले के एक हवाई अड्डे की थी, जिसे बाद में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा सकता है। "पिछले साल, हमने घोषणा की थी कि हम ललितपुर जिले में एक बल्क ड्रग पार्क और बुंदेलखंड में एक रक्षा गलियारा विकसित कर रहे हैं। झांसी में एक एयरपोर्ट है, लेकिन यह एयरफोर्स का है। ड्रग पार्क और डिफेंस कॉरिडोर की वजह से बड़े एयरपोर्ट की जरूरत पड़ेगी।
पहले चरण में शुरू होगी छोटे विमानों की लैडिंग
बताया कि पहले चरण में हम जल्द ही छोटे विमानों की लैंडिंग शुरू करेंगे। आज तीन चीजों पर मंजूरी पर चर्चा हुई।' उन्होंने कहा कि दो गांवों में कुल 86.65 करोड़ रुपये की लागत से 91.773 हेक्टेयर जमीन खरीदना था। तीसरा रक्षा मंत्रालय से संबंधित भूमि का आदान-प्रदान करना और उन्हें ग्राम सभा से संबंधित दूसरी भूमि की समान राशि देना है।












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