Lakhimpur Kheri: विधायक से सांसद बनने तक कितनी बढ़ी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की संपत्ति?
लखीमपुर खीरी, 4 अक्टूबर: यूपी की खीरी लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी वहां हुई हिंसा की वजह से चर्चा में हैं। टेनी ने करीब एक दशक के राजनीतिक करियर में ही बहुत ऊंची उड़ान भरी है। वो सिर्फ एक बार विधायक और दो बार लोकसभा सांसद चुने गए हैं। वे पेशे से किसान और उद्योगपति रहे हैं और उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत भी बीजेपी से ही हुई है। यहां हम यह देखेंगे कि पहली बार 2012 में विधायक बनने से लेकर दूसरी बार 2019 में लोकसभा के लिए दोबारा चुने जाने तक के सात वर्षों में उनकी संपत्ति में कितनी बढ़ोतरी हुई है।

अजय मिश्रा टेनी का 9 वर्षों का है राजनीतिक करियर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 7 जुलाई को ही अजय कुमार मिश्रा को गृह राज्यमंत्री के तौर पर अपने मंत्रिपरिषद में जगह दी है। उत्तर प्रदेश की खीरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद को शायद ही अंदाजा रहा होगा कि तीन महीने बाद ही उनका इतने बड़े विवाद से नाम जुड़ जाएगा, जो यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र में मोदी सरकार के लिए भी आने वाले समय में सिरदर्द साबित हो सकता है। अजय मिश्रा (टेनी) पहली बार 2014 में 16वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे और 2019 में 17वीं लोकसभा के लिए भी वे बीजेपी के टिकट पर निर्वाचित हुए। इससे पहले 2012 में वह उत्तर प्रदेश की निघासन विधानसभा सीट से 16वीं विधानसभा के लिए चुने गए थे।

पेशे से किसान और उद्योगपति हैं अजय मिश्रा
25 सितंबर, 1960 को लखीमपुर खीरी जिले के बनवीरपुर गांव में जन्मे अजय मिश्रा पेशे से किसान और उद्योगपति दोनों हैं। उन्होंने छत्रपति साहु जी महाराज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के साथ-साथ बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर और लॉ की डिग्री डीएवी कॉलेज (कानपुर यूनिवर्सिटी) से प्राप्त की है। बचपन से अंतर्मुखी स्वाभाव वाले मिश्रा की खेलों में भी शुरू से दिलचस्पी रही है। मानवाधिकारों के लिए काम कर चुके अजय मिश्रा की राजनीति में एंट्री भाजपा से हुई है और वह पहले भाजपा के जिला महासचिव बने और बहुत ही कम समय के राजनीतिक करियर में संसद तक पहुंच गए। वे डीसी बैंक खीरी के उपाध्यक्ष और जिला परिषद, खीरी के सदस्य भी रहे हैं।

2012 के विधानसभा चुनाव में अजय मिश्रा की संपत्ति
2012 के उत्तर प्रदेश विधासभा चुनाव में अजय मिश्रा ने निघासन विधानसभा सीट से जो चुनावी हलफनामा दाखिल किया था, उसके मुताबिक तब उनके पास निजी तौर पर 89,26,427 रुपये की चल संपत्ति थी। वहीं तब उनके पास 1,44,50,000 रुपये की कुल अचल संपत्ति थी। इन दोनों को मिलाकर तब वे 2,33,76,427 रुपये की संपत्ति के मालिक थे। इसमें उनकी पत्नी पुष्पा मिश्रा के नाम की संपत्ति का ब्योरा शामिल नहीं है।

विधायक से सांसद बनने तक कितनी बढ़ी अजय मिश्रा की संपत्ति?
2019 के आम चुनावों में खीरी लोकसभा सीट से बतौर भाजपा उम्मीदवार पर्चा भरते समय उन्होंने चुनावी एफिडेविट में जो अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है, उसके अनुसार उनके पास तब कुल
1,93,98,293.81 रुपये की चल संपत्ति थी। जबकि, इस समय उनके पास कुल अचल संपत्ति 1,20,00,000.00 रुपये की थी। इस तरह से अजय मिश्रा के पास कुल संपत्ति 3,13,98,293 रुपये की थी। इस तरह से 2012 के मुकाबले उनकी कुल संपत्ति में सात वर्षों के दौरान 80,21,866 रुपये का इजाफा हुआ था।

अजय मिश्रा की पत्नी के पास कुल संपत्ति कितनी है ?
अजय मिश्रा और पुष्पा मिश्रा की शादी 11 जून, 1978 को हुई थी। 2012 के यूपी चुनाव में उनकी पत्नी की संपत्ति का अलग से ब्योरा नहीं मिला है। लेकिन, 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जो ब्योरा दिया था, उसके मुताबिक तब उनकी पत्नी पुष्पा मिश्रा के पास 45,17,162.00 रुपये की चल संपत्ति थी। वहीं वो 93,80,000.00 रुपये की अचल संपत्ति की भी मालकिन थीं।

अजय मिश्रा की अपने इलाके में अच्छी पकड़ रही है
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जाता रहा है कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों का एक वर्ग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार से नाखुश रहा है। जब उन्हें मोदी सरकार में गृह मंत्रालय में जिम्मेदारी दी गई तो यही कहा गया कि 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में यह ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने का एक प्रयास है। माना जाता है कि अजय मिश्रा का लखीमपुर खीरी के अलावा पीलीभीत, सीतापुर और बहराइच समेत कई जिलों में अच्छा दबदबा है और खासकर ब्राह्मण वोटरों के बीच इनकी अच्छी पकड़ है।












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