Bulandshahr: ऐतिहासिक फैसला.. 3 हत्यारों को फांसी की सजा, बेइज्जती के बदले 3 बच्चों को मारी थी गोली

बुलन्दशहर कोर्ट ने बुधवार को 4 साल पुराने तीन बच्चों के अपहरण और हत्या के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ADJ मनु कालिया की कोर्ट ने इस मामले में तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुना दी है। 2019 में इन तीनों आरोपियों ने एक ही परिवार के तीन बच्चों की गोली मरकर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिवार ने सरकार, कोर्ट और पुलिस को धन्यवाद दिया है।

दरअसल, यह मामला 4 साल पुराना है। 2019 में बुलन्दशहर सिटी कोतवाली क्षेत्र के फैसलाबाद में हाफिज के घर इफ्तार पार्टी का कार्यक्रम था। इफ्तार के बाद घर के बाहर खेल रहे तीनों बच्चे, जिसमें 8 वर्षीय अलीबा, पडोसी आलम की 7 वर्षीय बेटी आसमा और हसीन का 8 वर्षीय बेटा अब्दुल अचानक गायब हो गए थे। काफी ढूंढने के बाद भी जब बच्चे नहीं मिले तो परिजनों ने पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी।

Bulandshahr Court gives death sentence in the kidnapping and killing of three children

वहीं 25 मई की सुबह तीनों बच्चों के शव घर से 7 किलोमीटर दूर धतूरी गाँव के एक ट्यूबवेल की हौज में पड़े मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चों को 2-2 गोलियां मारी गई थीं। यानी कुल 6 गोलियां मारी गई। जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कमेरे खंगाले। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक बाइक पर 3 युवक बच्चों को ले जा रहे थे।

Bulandshahr Court gives death sentence in the kidnapping and killing of three children

इसके बाद अधिकारीयों ने कई टीमों का गठन किया और आरोपियों को धर दबोचा। इस मामले का मुख्य आरोपी सलमान' जहांगीराबाद थाने के जलीलपपर गाँव का रहने वाला है। सलमान ने पूछताछ में बताया कि हाफिज के यहां इफ्तार पार्टी में उसकी बेइज्जती की गई थी, वो बिन बुलाए वहां चला गया था और उसको इफ्तार पार्टी से निकाल दिया था। जिसका उसने अपने दोस्तों बिलाल और इमरान के साथ मिलकर बदला लिया।

Bulandshahr Court gives death sentence in the kidnapping and killing of three children

वहीं अब चार साल बाद कोर्ट ने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीनों को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा है कि तीनों हत्यारों को मरते दम तक फंदे से लटकाए रखा जाए। हत्यारों को सजा मिलने पर तीनों बच्चों के घरवालों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि 'हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा था और हमे न्याय भी मिला है। इसके लिए हम कोर्ट के आभारी हैं।'

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