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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों को साधेगी बीजेपी, बिजली और गन्ना के बकाए को लेकर सरकार उठा सकती है बड़ा कदम

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लखनऊ, 14 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी सरकार अब किसानों को साधने में जुटी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई किसान महापंचायत के बाद से ही सरकार आने वाले समय में किसानों के बीच जाने का और अभियान तेज कर दिया है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही गन्ने का समर्थन मूल्य और किसानों के बिजली बिलों के भुगतान के लिए सरकार अहम घोषणाएं कर सकती है। सरकार इस बात पर मंथन कर रही है कि इसके लिए कौन से तरीका अपनाया जाए।

योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले किसानों को लुभाने के लिए कई किसान-समर्थक घोषणाएं की हैं, जिसमें उनके खिलाफ पराली जलाने के मामले वापस लेना और ब्याज के लिए एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना शुरू करना शामिल है। उनके बिजली बकाया में छूट।

बिजली के बकाये और पराली जलाने वाले किसानों को मिल सकती है
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि,

''मुख्यमंत्री ने पिछले दिन प्रगतिशील किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करते हुए कहा कि किसानों के खिलाफ पराली जलाने के सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे और उन पर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने का भी निर्णय लिया जाएगा। सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि बिजली बकाया के कारण किसानों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा और बिजली बकाया पर ब्याज माफ करने के लिए ओटीएस योजना लाई जाएगी।''

किसान पंचायत

पराली जलाने पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट जता चुका है नाराजगी

पिछले कुछ वर्षों से, सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और राज्य सरकारों को पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए उकसा रहा है, खासकर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, जो हर साल अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली में वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। पराली जलाने के मामलों को रद्द करने के सरकार के कदम को नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का मुकाबला करने के लिए लुभाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बातया कि,

"अभियान सितंबर से अक्टूबर के बीच उस समय चलाया जाएगा जब गन्ने की पेराई का सीजन शुरू होगा। पार्टी ने यूपी किशन मोर्चा को इस अभियान को लेकर प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस अभियान के तहत किसानों को MSP के बारे में भी बताया जाएगा जो केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से बढ़ाया गया है। आने वाले दिों में सरकार किसानों से हितों से जुड़े और भी फैसले ले सकती है।"

वहीं दूसरी ओर तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार के साथ-साथ अन्य राज्यों के किसानों के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा, जो दिल्ली की सीमाओं पर विरोध का नेतृत्व कर रहा है, ने घोषणा की है कि वह उत्तर प्रदेश में आगामी राज्य चुनावों में भगवा पार्टी के खिलाफ समर्थन जुटाने में लगा हुआ है।

किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस करेगी सरकार
लखनऊ के पांच कालीदास मार्ग पर किसानों के साथ संवाद के दो दिन के भीतर ही सरकार ने उन जिलों किनसूची जारी कर दी है, जहां के किसानों पर पराली जलाने को लेकर दर्ज किए गए की वापस लिए जाएंगे। इनमें लखीमपुर खीरी के 165, महाराजगंज के 129, पीलीभीत के 108, रामपुर के 45, रायबरेली बे 43, झांसी के 30 और औरैया के 25 किसान शामिल है। हालाकि सरकार के सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में और भी किसानो को इस तरह की राहत मिल सकती है।

English summary
BJP will help farmers in western Uttar Pradesh, the government can take a big step regarding electricity and sugarcane arrears
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