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BJP UP President Chunav: चुनाव तय करेगा BJP राज्य अध्यक्ष की कुर्सी का हकदार! कब मतदान-कौन मैदान में और क्यों

Explainer-BJP UP President Election 2025 Voting Date: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पद के लिए बहुप्रतीक्षित चुनाव का ऐलान हो गया है। 2024 लोकसभा चुनावों में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद संगठन को मजबूत करने के मकसद से यह चुनाव हो रहा है। पार्टी ने 13-14 दिसंबर को यह प्रक्रिया पूरी करने का फैसला लिया है। पहले दिन नामांकन, जांच और वापसी, तो दूसरे दिन जरूरत पड़ने पर मतदान-गणना। प्रांतीय परिषद के करीब 400 सदस्य ही वोट डालेंगे। केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और पीयूष गोयल (Vinod Tawde and Piyush Goyal) की नजरों में होगा पूरा चुनाव।

यह चुनाव न सिर्फ संगठन की दशा-दिशा तय करेगा, बल्कि 2026 के पंचायत चुनावों और 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति को भी आकार देगा। खासकर सपा के 'PDA' (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट के लिए बीजेपी ओबीसी चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में है। आइए, चुनाव की पूरी प्रक्रिया, प्रमुख दावेदारों और जातिगत समीकरणों को समझते हैं - एक आसान एक्सप्लेनर में...

BJP UP President Election 2025

BJP UP President Election 2025 Schedule: चुनाव की प्रक्रिया: कब-क्या होगा?

बीजेपी के उत्तर प्रदेश संगठन के चुनाव अधिकारी व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय के मुताबिक-

  • 13 दिसंबर (पहला दिन): दोपहर 1 से 2 बजे तक प्रदेश मुख्यालय (कमल विहार) में नामांकन पत्र जमा। उसी दिन शाम तक नामांकन जांच और वापसी की समय सीमा। अगर सिर्फ एक उम्मीदवार नामांकित होता है, तो सर्वसम्मति से चुनाव। साथ ही, राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का भी चयन होगा।
  • 14 दिसंबर (दूसरा दिन): अगर 2 या अधिक उम्मीदवार, तो मतदान (सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक) और शाम को गणना। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल अंतिम फैसला सुनाएंगे।

वोटर: प्रांतीय परिषद के 400 सदस्य (सांसद, विधायक, जिला-महानगर अध्यक्ष)। पार्टी ने सभी प्रमुख नेताओं को लखनऊ बुलाया है।

राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े लखनऊ पहुंच चुके हैं, जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। अगर सर्वसम्मति बनी, तो 14 दिसंबर तक नया अध्यक्ष मिल जाएगा।

Why BJP UP President Election: क्यों हो रहा चुनाव? 2024 का सबक और 2027 की रणनीति

2024 लोकसभा चुनावों में बीजेपी को यूपी की 80 सीटों में से सिर्फ 33 मिलीं (एनडीए को 36), जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 43 जीतीं। वजह? ओबीसी वोटों का बंटवारा, खासकर पश्चिमी यूपी में जाट-गुर्जर और पूर्वी में कुर्मी-निषाद का SP की ओर झुकाव। मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी (ओबीसी, जाट) ने इस्तीफा दिया था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने ठुकरा दिया। अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने के लिए नया चेहरा चाहिए - जो सरकार (योगी आदित्यनाथ) और संगठन के बीच ब्रिज बने।

चौधरी ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो उनके भविष्य का संकेत हो सकता है। पार्टी फोकस: जमीनी पकड़, स्वीकार्यता और जातिगत बैलेंस।

BJP UP President Election Candidates-Caste Equations: कौन-कौन मैदान में? जातिगत समीकरणों का विश्लेषण

यूपी में जाति राजनीति का बोलबाला है। कुल वोटों में सवर्ण (19%), ओबीसी (52%), दलित (21%), मुस्लिम (19%)। 2024 में SP ने PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) से OBC-Dalit वोट कंसोलिडेट किए, जबकि BJP सवर्ण-कुर्मी पर निर्भर रही। अब BJP ओबीसी (खासकर लोधी, मौर्य, निषाद) पर दांव लगाकर SP के वोट बैंक में सेंधमारी करना चाहती है। अगर राष्ट्रीय स्तर पर ब्राह्मण अध्यक्ष (जैसे जेपी नड्डा के बाद) बना, तो यूपी में ओबीसी चेहरा पक्का।

यहां प्रमुख दावेदारों की लिस्ट, उनकी जाति और समीकरण:-

क्रमांक दावेदार का नाम जाति/समुदाय मजबूती/समीकरण
1
साध्वी निरंजन ज्योति
ओबीसी (निरंजन जाति) केंद्रीय मंत्री। महिला चेहरा,पूर्वी यूपी में OBC हिंदुत्व वोट। मायावती की मजबूत काट।
2
पंकज चौधरी ओबीसी (यादव?) केंद्रीय मंत्री। महोबा से सांसद, OBC सबग्रुप्स में बैलेंस।
3
बाबूराम निषाद ओबीसी (निषाद) सांसद। निषाद पार्टी के साथ समन्वय, पूर्वांचल फोकस।
4
बीएल वर्मा ओबीसी (निषाद) केंद्रीय मंत्री। निषाद (4-5%) को लुभाएगा, निषाद पार्टी गठबंधन के लिए।
5
धर्मपाल सिंह ओबीसी (लोधी) पशुधन मंत्री। लोधी (5-7%, अखिलेश का कोर वोट) में सेंध। 2027 के लिए PDA का काउंटर।


6
विनोद सोनकर दलित (जाटव?) पूर्व प्रदेश अध्यक्ष। दलित (21%) में JDU-SP के वोट शेयर को तोड़ने के लिए।


7
विद्या सागर सोनकर दलित संगठन में अनुभव, पश्चिमी यूपी दलित बेल्ट।
8
जुगल किशोर दलित स्थानीय स्तर मजबूत, PDA की दलित लाइन को चैलेंज।
9
बेबी रानी मौर्य दलित (जाटव) शादी के बाद OBC बीजेपी की वरिष्ठ नेता, दलित वोटों को कंसोलिडेट करने के लिए नाम उछला गया।

ओबीसी दावेदारों पर जोर: SP के PDA को नेस्तनाबूद करने के लिए। 2024 में BJP ने OBC से 4, दलित से 1, सवर्ण से 2 कैंडिडेट दिए, लेकिन SP ने OBC (कुर्मी-मौर्य) पर फोकस कर 43 सीटें झटकीं। RSS-Yogi-Amit Shah ट्रायंगल में फैसला: योगी मेरिट पर, शाह OBC पर जोर।

बड़े मायने: 2027 चुनाव की कुंजी बनेगा नया अध्यक्ष

यह चुनाव बीजेपी के लिए 'सॉफ्ट लैंडिंग' का मौका है। नया अध्यक्ष संगठन को रिचार्ज करेगा, खासकर पश्चिमी यूपी (जाट-मुस्लिम) और पूर्वी (OBC-दलित) में। अगर ओबीसी चेहरा बना, तो PDA का जवाब बनेगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह: '2027 में 300+ सीटें' का नारा। लेकिन चुनौती: अल्पसंख्यक वोटों का पलायन रोकना।

क्या सर्वसम्मति बनेगी, या कांटे की टक्कर? 14 दिसंबर का इंतजार। बीजेपी का यूपी फॉर्मूला:- हिंदुत्व + विकास + जाति बैलेंस।

(सोर्स: लखनऊ बीजेपी मुख्यालय)

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