चुनाव से ठीक पहले टूट रहा बीजेपी का तिलिस्म, क्या पिछड़ों का हो रहा पार्टी से मोहभंग

लखनऊ, 12 जनवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बीजेपी में एक तरह से भगदड़ मच गई है। एक तरफ जहां आलाकमान दिल्ली में बैठकर पहले और दूसरे चरण के टिकटों को अंतिम रूप देने में जुटा है वहीं दूसरी ओर लखनऊ में एक के बाद एक विकेट गिरते जा रहे हैं। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के 24 घंटे के भीतर योगी सरकार का दूसरा विकेट भी उखड़ गया। पूर्वांचल के कद्दावर नेता माने जाने वाले और सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दारा सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वह मऊ की मधुबन सीट से विधायक हैं। हालांकि वह किस पार्टी में जाएंगे यह तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है। तो क्या अब यह माना जाय कि बीजेपी का आलीशान किला ढहना शुरू हो गया है और इस किले को गिराने में दलितों, पिछड़ों की मुख्य भूमिका है।

पिछले चुनाव में बीजेपी ने सोशल इंजीनियरिंग के बल पर दिखाया था कमाल

पिछले चुनाव में बीजेपी ने सोशल इंजीनियरिंग के बल पर दिखाया था कमाल

बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन केवल और केवल सोशल इंजीनियरिंग के दम पर किया था। छोटी छोटी दलित और पिछड़ी जातियों को अपने साथ जोड़ा था। उन्हे अच्छे दिन के सपने दिखाये थे। लेकिन पांच साल में जो उन्हे मिला उसका परिणाम अब सामने दिख रहा है। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और पिछड़े वर्ग के कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बीजेपी से इस्तीफा देते ही बीजेपी में भूचाल आ गया उनके बाद तीन और विधायकों ने पार्टी को अलविदा कह दिया। बांदा के तिंदवारी से बीजेपी विधायक ब्रजेश प्रजापति, बिल्हौर से भगवती सिंह सागर और तिलहर विधानसभा से विधायक रोशन लाल वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। ये चारों विधायक दलित- पिछड़े समाज से ही आतें हैं।

अखिलेश व राजभर ने कसा बीजेपी पर तंज

अखिलेश व राजभर ने कसा बीजेपी पर तंज

वहीं, इन इस्तीफों के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी की योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, इस बार सभी शोषितों, वंचितों, उत्पीड़ितों, उपेक्षितों का 'मेल' होगा और बीजेपी की बांटने व अपमान करनेवाली राजनीति के खिलाफ सपा की सबको सम्मान देनेवाली राजनीति का इंक़लाब होगा. बाइस में सबके मेल मिलाप से सकारात्मक राजनीति का "मेला होबे"!बीजेपी की ऐतिहासिक हार होगी! सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर ने ट्वीट में लिखा, सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा-पिछड़ों, दलितों,अल्पसंख्यकों,वंचितों का हक़ लूटने वालों का खदेड़ा होगा। बीजेपी का विकेट गिरना शुरू हो गया है।आगे देखते जाइए कतार लगने वाली है।

केशव और योगी के बीच भी चला पूरे कार्यकाल में मतभेद

केशव और योगी के बीच भी चला पूरे कार्यकाल में मतभेद

हालांकि जिस केशव प्रसाद मौर्य के चेहरे पर पिछड़े भाजपा की तरफ गोलबंद हुए, उन्हें भाजपा ने डिप्टी सीएम बनाया और उनकी हैसियत सरकार में किसी राज्यमंत्री जितनी ही रह गयी थी। आगे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच सम्बन्ध कैसे रहे हैं यह भी सर्वविदित है। डिप्टी सीएम रहते हुए सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्हें 'स्टूल' पर बैठा देने के बाद निश्चित तौर पर मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी जाति के लोगों सहित पूरा पिछड़ा वर्ग अपमानित महसूस कर रहा था। हकदार होने के बावजूद केशव प्रसाद मौर्य से मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन जाने की 'टीस' उनकी जाति के लोगों के अन्दर जरूर घर कर गई है।

ओम प्रकाश राजभर ने पहले ही छोड़ दिया था बीजेपी का साथ

ओम प्रकाश राजभर ने पहले ही छोड़ दिया था बीजेपी का साथ

वहीं एक और पिछड़े वर्ग के नेता ओमप्रकाश राजभर की तो बीजेपी ने ये हालत कर दी थी कि वे बेचारे अपने बेटे की शादी में अपने घर के आगे की 50 फीट सड़क भी न बनवा सके। उन्हे जोकर, ब्लैकमेलर से लेकर न जाने किन किन शब्दों से अपमानित होना पड़ा। आखिर उन्हे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू न होने और सरकार पर पिछड़े वर्गों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाकर बीजेपी से गठबंधन तोड़ कर अलग होना पड़ा। ऐसी स्थिति में राजभर समाज के मन में क्या चल रहा होगा? वह बीजेपी के बारे में क्या सोंच रहा होगा यह स्पष्ट रूप से 10 मार्च को नजर आ जायेगा ?

बीजेपी सांसद भी लगा चुके हैं अनुसूचित जाति जनजाति के अपमान का आरोप

बीजेपी सांसद भी लगा चुके हैं अनुसूचित जाति जनजाति के अपमान का आरोप

पांच अप्रैल 2018 को लिखे गए पत्र में इटावा से उस समय के बीजेपी सांसद अशोक दोहरे ने आरोप लगाया था कि दो अप्रैल को हुए भारत बंद के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को स्थानीय पुलिस झूठे मुकदमे में फंसा रही है और उन पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस निर्दोष लोगों को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए घरों से निकाल कर उनके साथ मारपीट कर रही है। इससे इन वर्गों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। पत्र में सांसद ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।

बीजेपी सांसद छोटेलाल खरवार ने मोदी को लिखा था शिकायती पत्र

बीजेपी सांसद छोटेलाल खरवार ने मोदी को लिखा था शिकायती पत्र

इससे पहले उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज से भाजपा के ही एक अन्य सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ शिकायत की थी। पत्र में सांसद खरवार ने आरोप लगाया है कि वह दो बार योगी आदित्यनाथ से मिलने गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें डांटकर भगा दिया था।खरवार ने यह भी शिकायत की है कि ज़िलाधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और उनके साथ भेदभाव करते हैं।

ब्राह्मणों की नाराजगी से अलग ही परेशान है आलाकमान

ब्राह्मणों की नाराजगी से अलग ही परेशान है आलाकमान

यूपी की भाजपा सरकार में ब्राह्मणों की नाराजगी को मुद्दा बनाकर उसे 'चर्चा' के केंद्र में ले आया है, लेकिन सबसे बड़ा वोटबैंक रखने वाला पिछड़ा और दलित समाज 2017 में बीजेपी को वोट देकर कितना उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है उसकी मीडिया में चर्चा तक नही हुई? बीजेपी संगठन में भी दलितों, पिछड़ों की नाराजगी को कभी महत्व नही दिया गया और नाही कभी जानने की कोशिश की गई कि उनमें कितनी नाराजगी होगी? उत्तर प्रदेश में सत्ता किस ओर जाएगी इसका निर्णय हमेशा से यूपी का बहुसंख्यक पिछड़ा और दलित समाज ही करता आया है। इसबार भी वह निर्णायक स्थिति में दिख रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+