भाजपा ने जारी किया प्रतीक यादव का 5 करोड़ी समाजवाद
प्रतीक यादव के लैंबोर्गिनी ड्राइव पर भाजपा ने जारी किया वीडियो, वीडियो में साप के समाजवाद की हकीकत को खोलने का दावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति मे सियासी घराने से जुड़े हर व्यक्ति का एक-एक कदम इस वक्त दूसरे दलों के लिए सियासी हथियार है। मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव ने हाल ही में लखनऊ की सड़क पर जब पांच करोड़ रुपए की लग्जरी कार लैंबोर्गिनी दौड़ाई तो इसकी खूब चर्चा हुई, खुद प्रतीक ने इस ड्राइव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा की थी।

इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी थी। लेकिन इस कार सवारी को भाजपा चुनावी मुद्दे के दौर पर देख रही है।
पांच करोड़ की कार में सवार समाजवाद।
भाजपा ने प्रतीक के कार सवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है जिसका शीर्षक है पांच करोड़ की कार में सवार समाजवाद। वीडियो में प्रतीक यादव कार को स्टार्ट करके एक्सीलरेट कर रहे हैं। प्रतीक ने यह कार सवारी उस समय की थी जिस वक्त पार्टी के भीतर अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के बीच विवाद चल रहा था। ऐस में जिस वक्त पिता-पुत्र के बीच पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा था उश वक्त प्रतीक की लैंबोर्गिनी की सवारी ने खूब सुर्खियां बटोरी थी।
समाजवादी पार्टी को आड़े हाथो लेते हुए पार्टी पर निशाना साधा
भाजपा ने अपने दो मिनट के वीडियो में समाजवादी पार्टी को आड़े हाथो लेते हुए पार्टी पर निशाना साधा है। वीडियो में कहा गया है कि प्रतीक का रियल स्टेट का बिजनेस है और गायत्री प्रजापति उनके व्यापार में सहयोगी है। उन्ही के कहने पर गायत्री प्रजापति की मंत्रिमंडल में वापसी कराई गई थी। यही नहीं प्रतीक ने यूपी का सबसे बड़ा 7000 स्क्वायर फीट का लखनऊ में जिम भी खोला है। भाजपा ने अपने वीडियो में लिखा है कि प्रतीक कहते हैं कि उन्हें राजनीति में दिलचस्पी नहीं है लेकिन अपनी पत्नी अपर्णा को टिकट दिलाया गायत्री प्रजापति के साथ भागीदारी की।
रिश्तों ताक पर रखकर साईकिल की लड़ाई लड़ी जा रही है
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए भाजपा ने अपने वीडियो में कहा है कि एक तरफ रिश्तों ताक पर रखकर साईकिल की लड़ाई लड़ी जा रही है तो दूसरी तरफ समाजवाद को ताक पर रखकर लैंबोर्गिनी दौड़ाई जा रही है। आपको बता दें कि प्रतीक यादव का रियल स्टेट का बिजनेस है और वह खुद व्यक्तिगत तौर पर बॉडी बिल्डिंग का शौक रखते हैं और तमाम ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा भी लेते हैं जो इससे जुड़े हैं। बहरहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस पलटवार का सपा किस तरह से जवाब देती है।












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