VIDEO: बीजेपी नेताओं ने विकास प्राधिकरण के लोगों संग की गाली गलौज
अब तक समजवादी पार्टी के नेताओं पर ये आरोप लगते रहे हैं लेकिन 7 महीने में ही भाजपा नेताओं पर भी सत्ता की खुमारी किस कदर सर चढ़कर बोल रही है, ये आप तस्वीरों से साफ देख सकते हैं।
मथुरा। सत्ता में आते ही उस पार्टी के नेता क्यों बौखला जाते है, क्यों वो अधिकारी पर दबाव बनाते है? एक मामला इसी तरह का देखने को मिला जहां मथुरा में भाजपा नेता के होटल पर कार्रवाई करने गई मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की टीम के साथ ना केवल भाजपा नेताओं ने अभद्रता की बल्कि जमकर गाली गलौज भी की। अब तक समजवादी पार्टी के नेताओं पर ये आरोप लगते रहे हैं लेकिन 7 महीने में ही भाजपा नेताओं पर भी सत्ता की खुमारी किस कदर सर चढ़कर बोल रही है, ये आप तस्वीरों से साफ देख सकते हैं और सरकारी अधिकारी से किन शब्दों का भाजपा नेता इस्तेमाल कर रहे हैं हम उन्हें आपको सुना नहीं सकते लेकिन इतना जरूर बता सकते है कि एक ओर मुख्यमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हद में रहने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं। वहीं मथुरा के बेलगाम भाजपा नेता सरे राह खुलेआम गुंडई करते दिखाई दे रहे हैं। मामला मथुरा की धोली प्याऊ चौकी इलाके का है, जहां मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के जेई श्याम सिंघल अवैध रूप से भाजपा युवा मोर्चा जिलासंयोजक के द्वारा बनाई जा रही बिल्डिंग को सील करने गए। उसी दौरान श्याम सिंघल ने अपने अन्य सहयोगी और MVDA द्वारा बिल्डिंग शील करने की कार्रवाई की जानकारी दी।

फिर क्या था वहां भाजपा नेताओं का जमघट लग गया। इन नेताओं ने भाजपा नेताओं सिद्धार्थ लोधी जो भाजपा के जिला महामंत्री है (लाल कुर्ते वाले), भुवन भूषण जिलाउपाध्यक्ष (जो कैमरा बंद करने के लिए बोल रहे हैं), चिंताहरण चतुर्वेदी जिला महामंत्री (काली जैकिट में) इनके साथ कई भाजपा नेता वहां पहुंच गए और अवैध रूप से आवासीय नक्शे की परमिशन पर होटल का निर्माण करा रहे भाजपा नेताओं ने MVDA के अधिकारियों को भद्दी-भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया और बिल्डिंग शील करने आई MVDA की टीम को धक्के मार कर अवैध निर्माण स्थल से निकाल दिया।
ये सब जब हुआ वहां उत्तर प्रदेश की काबिल पुलिस भी मौके पर मौजूद थी लेकिन भाजपा नेताओं का रोब देखकर पुलिस भी उन्हें सिर्फ शांत कराती नजर आई। अगर इन भाजपा नेताओं की जगह कोई आम आदमी होता तो पुलिस उनसे कैसा व्यवहार करती आप खुद ही सोच सकते है। ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है की क्या भाजपा नेता पार्टी के आदर्श भूलकर सत्ता की चमक में खुद गुंडे बन गए।












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