दिल्ली बुलाये गये सिद्धार्थ, क्या मिलेगी यूपी CM की कुर्सी?

इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट बसपा का गढ़ मानी जाती थी। लेकिन इस बार चुनाव में सिद्धार्थ नाथ ने बसपा विधायक पूजा पाल को हराकर बसपा का मजबूत किला ढहा दिया है।

इलाहाबाद। इलाहाबाद शहर पश्चिमी से जीत दर्ज करने वाले पीएम मोदी के एक्सपेरिमेंट ब्वाय सिद्धार्थ नाथ सिंह को दिल्ली से बुलावा आया है। इसके साथ ही उनके सूबे के सीएम बनने की अटकलें भी तेज हो गई है। देर रात सिद्धार्थ इलाहाबाद से दिल्ली के लिये रवाना हो गये। सिद्धार्थ को दिल्ली में होने वाली भाजपा की संसदीय दल की बैठक में बुलाया गया है।

अमित शाह कर चुके हैं इशारा

अमित शाह कर चुके हैं इशारा

सिद्धार्थ नाथ सिंह भाजपा का ऐसा जाना-पहचाना चेहरा है, जिसे जो भी जिम्मेदारी मिली उसे पूरा किया है। इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट पर जीत भी इसी का हिस्सा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह को उनकी मेहनत का इनाम दिया जा सकता है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बुलावे पर वह दिल्ली गये। इलाहाबाद में रैली के दौरान ही अमित शाह क्षेत्र को बड़ी जिम्मेदारी देने का एलान कर चुके हैं। जिसके बाद से ही सिद्धार्थ नाथ मुख्यमंत्री की रेस में शामिल हैं।

इलाहाबाद की बड़ी जिम्मेदारी तय

इलाहाबाद की बड़ी जिम्मेदारी तय

पिछले विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला। सपा ने यहां के एक भी विधायक को मंत्रीमंडल में जगह नहीं दी। जिसका खामियाजा भी सपा को भुगतना पड़ा। इसलिये भाजपा इलाहाबाद को नाराज नहीं करना चाहता है। क्योंकि केन्द्र से लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा यहां से तय होती है। वैसे भी विक्रमजीत व नंदी के रूप में दो पूर्व मंत्रीयों ने भी चुनाव जीता है। ये लोग मंत्रिमंडल में जगह बना सकते हैं।

तोड़ा है बसपा का वर्चस्व

तोड़ा है बसपा का वर्चस्व

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री रिश्ते में सिद्धार्थ नाथ सिंह के नाना थे। लेकिन इलाहाबाद शहर पश्चिमी की जिस सीट पर सिद्धार्थ ने कमल खिलाया उससे न सिर्फ उनका कद बढा है। बल्कि उनकी छवि को और मजबूत करता है। बाहुबली अतीक अमहद के प्रभाव वाली और बीएसपी के कब्जे में चल रही शहर पश्चिमी सीट का तिलिस्म तोड़कर पहली बार कमल खिलाया है।

इलाहाबाद में बसपा का सबसे मजबूत किला शहर पश्चिमी ही था। जहां से पूजा पाल विधायक थी। लेकिन इस किले को भेदने में सिद्धार्थ कामयाब हुये। जबकि देश की पहली महिला छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह भी इसी सीट से चुनाव लड़ रहीं थी। इन सभी को हराकर सिद्धार्थ राय ने अपना प्रभाव बढ़ा लिया है।Read also:मेरठ 'मोदी जिंदाबाद' के नारे पर दो पक्षों में बवाल, पथराव, फायरिंग

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+