UP में सपा की कमर तोड़ने के लिए BJP पहली बार कराएगी यादव सम्मेलन, 200 से ज्यादा जातिगत रैलियां भी होंगी
लखनऊ, 01 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब नई रणनीति के तहत समाजवादी पार्टी (सपा) के कोर वोट बैंक पर चोट करने का प्लान तैयार किया है। बीजेपी सूत्रों का दावा है कि गैर ओबीसी और ब्राह्मण को लुभाने में जुटी सपा के सामने बीजेपी अब नई चुनौती पेश करेगी। अब पूरे यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले यादव बाहुल्य इलाकों में कई 'यादव सम्मेलन' कराए जाएंगे। बीजेपी के रणनीतिकारों की माने तो उन्हें लगता है कि इस तरह के कार्यक्रमों से यादव समाज को भी एक मैसेज दिया जा सकता है।

यादव सम्मेलनों का खाका तैयार कर रहा है ओबीसी मोर्चा
ओबीसी समुदाय को साधने के लिए अपनी कवायद शुरू कर दी है। बीजेपी के सूत्रों की माने तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आने वाले समय में नवरात्र से लेकर और नवम्बर महीने के आखिरी तक पूरे उत्तर प्रदेश में छोटी-छोटी जातियों से जुड़ी 200 से ज्यादा रैलियां और 75 सम्मेलन आयोजित करेगी। बीजेपी की प्लानिंग के अनुसार इन समुदाय विशेष से जुड़ी रैलियों में केंद्रीय स्तर के नेताओं को भी बुलाया जाएगा। बीजेपी के सूत्रों का दावा है कि पहली बार बीजेपी यूपी में यादव सम्मेलन भी करवाने जा रही है। इनका भी खाका तैयार किया जा रहा है।

यूपी में 200 से ज्यादा ओबीसी की रैलियां और सम्मेलन
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि ओबीसी से जुड़ी छोटी-छोटी जाते हो को लेकर पूरे यूपी में 200 से ज्यादा छोटी और बड़ी रैलियां की जायेंगी। इस दौरान विभिन्न जातियों से जुड़ी रैलियां कराकर लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।इन रैलियों में भूपेंदर यादव, सुशील मोदी, रघुबर दास, रमेश टेनी के अलावा अन्य नेताओं को भी बुलाया जाएगा।

नवरात्र से शुरू होगी रैलियों का कार्यक्रम
बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि, ''नवरात्रि से पूरे यूपी में कार्यक्रमों की शुरुवात की जाएगी। ये रैलियां नवंबर के अंत तक चलेंगी। इन रैलियों को इस समुदाय विशेष से जुड़े नेता संबोधित करेंगे। कोशिश है की दो विधानसभाओं को मिलाकर एक बड़ी रैली की जाएगी। इन कार्यक्रमों को तैयार किया जा रहा है। इसमें उस जाति विशेष से जुड़े नेताओं को बुलाया जाएगा।''

जिस इलाके में होगी ज्यादा संख्या वहीं होंगी रैलियां
बीजेपी के सूत्रों की माने तो इन जातिगत रैलियों को आयोजित करने से पहले इस समुदाय के छोटे बड़े नेताओं की मीटिंग की जाएगी और उनको इन रैली को संबोधित करने के लिए बुलाया जाएगा। हर जाति के नेताओं की अलग बैठकें की जायेंगी। इन रैलियों का जगह भी इस हिसाब से तय किया जाएगा जहां उनकी संख्या ज्यादा होगी।

जातियों को 22 कैटेगरी में बांटा गया है
बीजेपी के पदाधिकारी ने बताया कि उदाहरण के तौर पर निषाद यानी मल्लाह जाति का विशेष इलाका प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक गंगा किनारे वाले इलाकों में है। इसलिए कोशिश है कि वाराणसी और प्रयागराज के बीच एक बड़ी रैली की जाएगी। इसीलिए बीजेपी ने जातियों और उप जातियां को मिलाकर 22 कैटेगरी में बता गया है। इसमें ज्यादा फोकस निषाद, माझी, मल्लाह और कश्यप पर किया जाएगा।

यादव बाहुल्य इलाकों को भी बीजेपी करेगी टारगेट
इसी तरह, तेली, विश्वकर्मा, कुशवाहा, शाक्य, कुर्मी, पटेल , मौर्या, शिवहरे, दर्जी, पाल, शाहू, चौरसिया समेत 22 जातियों के सम्मेलन पूरे प्रदेश में अयोजित किए जायेंगे। इसके अलावा इस बार बीजेपी कई चुनिंदा इलाकों में यादव सम्मेलन भी करवाएगी। सूत्रों का दावा है को इन सम्मेलनों में से कुछ सम्मेलनों को बीजेपी यूपी के मुख्य प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी संबोधित कर सकते हैं। इसके अलावा सीएम योगी आदित्य नाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी इन रैलियों को संबोधित करेंगे। ओबीसी कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियों को सक्रिय करने के लिए 75 सम्मेलनों का भी खाका तैयार किया गया है।












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