यूपी में रैली-रोड शो पर पाबंदी से पहले ही भाजपा ने मार ली है बाजी, जानिए क्यों डिजिटल प्रचार में आगे है BJP
लखनऊ, 10 सितंबर। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इन पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव फरवरी और मार्च माह में होंगे। अहम बात यह है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे रही है और लाखों मामले हर रोज सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक सभी तरह के रोड शो और चुनावी रैलियों पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि चुनाव आयोग ने डिजिटल माध्यम से चुनाव प्रचार की अनुमति दी है लेकिन कई दलों ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल खड़ा किया है। खुद अखिलेश यादव तक कह चुके हैं कि भाजपा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा मजबूत है लिहाजा उसे इसका फायदा मिलेगा।

रैलियों पर पाबंदी से पहले ही भाजपा ने मारी बाजी
चुनाव आयोग द्वारा रैलियों और रोड शो पर पाबंदी होने से पहले अगर अलग-अलग राजनीतिक दलों की बात करें तो कई दल पिछले कुछ समय से रोड शो और रैलियां कर रहे थे। लेकिन ऐसा लगता है कि इन सभी दलों की तुलना में भारतीय जनता पार्टी ने रैलियों के जरिए पहले ही बाजी मारने में सफलता हासिल कर ली है। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि यूपी में भाजपा के मुख्य चुनाव प्रचारक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही 250 विधानसभाओं में पिछले कुछ महीनों में रैलियां की हैं। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कुल मिलाकर 399 पब्लिक मीटिंग, नुक्कड़ सभा, पिछले कुछ समय में जन विश्वास यात्रा के जरिए की हैं। भाजपा ने 19 दिसंबर को जन विश्वास यात्रा की शुरुआत की थी और कुल 6 जन विकास यात्राएं पार्टी ने की है।

हारी हुईं सीटों पर भाजपा ने लगाया जोर
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 78 सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा था। लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ ने इन सभी विधानसभाओं का दौरा किया है और यहां पर कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया है और दावा किया है कि अगर भाजपा यहां पर जीतती तो यहां के लोगों को और भी अधिक लाभ हुआ होता। यही नहीं प्रदेश के अलग-अलग समुदाय के लोगों तक पहुंच बढ़ाने के लिए पार्टी की ओर से सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन किए गए थे।

पीएम मोदी ने एक यूपी के दर्जन जिलों में की रैली
भाजपा के मुख्य प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के कई जिलों रैलियां और कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। तकरीबन एक दर्जन जिलों में पीएम मोदी ने अलग-अलग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान पीएम ने कई बड़ी योजनाओं का भी उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने पिछले साल 20 अक्टूबर से यूपी मिशन की शुरुआत कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के उद्घाटन से की थी। इसके बाद पीएम ने सुल्तानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, महोबा, झांसी, बलरामपुर, शाहजहांपुर, नोएडा, कानपुर और लखनऊ में अहम कार्यक्रम के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित किया। 2 जनवरी को पीएम मोदी ने मेरठ में विशाल जनसभा को भी संबोधित किया था। िस दौरान उन्होंने मेजर ध्यान चंद स्पोर्टस यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया था।

कई शीर्ष नेताओं ने की रैली
भाजपा ने 9 जनवरी को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में अपने जन विश्वास रैली का समापन करने की योजना बनाई थी जहां पर परीएम मोदी को भी रैली को संबोधित करना था लेकिन चुनाव आयोग ने रैलियों पर पाबंदी लगा दी जिसके चलते यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। भाजपा के शीर्ष नेता जिसमे अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी ने भी पिछले कुछ महीनों में यूपी में कई रैलियों को संबोधित किया।

वर्चुअल अभियान के लिए पहले से ही भाजपा ने कसी कमर
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में चुनावी रैलियों और रोड शो पर पाबंदी लगा दी है। लेकिन सभी राजनीतिक दलों को डिजिटल माध्यम से चुनाव प्रचार की अनुमति दी गई है। पार्टी के सूत्रों के अनुसार भाजपा ने पहले ही वर्चुअल रैलियों की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी को उम्मीद थी कि इस तरह की पाबंदी लग सकती है। पार्टी के नेता ने बताया कि भाजपा ने वर्चुअल रैली करने के लिए अपने नेटवर्क को मजबूत कर लिया है, हम अधिकतम 50 हजार लोगों की वर्चुअल रैली किसी भी समय कर सकते हैं। इन रैलियों को वरिष्ठ नेता दिल्ली, लखनऊ और अलग-अलग ठिकानों से संबोधित करेंगे। यही नहीं इन रैलियों की लाइव स्ट्रीमिंग मेगा वैन के जरिए की जाएगी। हर विधानसभा में कम से कम एक वैन जरूर इधर-उधर जाएगी।

भाजपा की 98 जिलों में है वर्चुअल तैयारी
भाजपा नेता ने बताया कि पिछले पांच सालों में पार्टी ने 98 जिलों में पार्टी कार्यालय स्थापित किए हैं, यहां पर सुविधाओं को बढ़ाया गया है। इन जगहों पर लाइव स्ट्रीमिंग और वर्चुअल मीटिंग की सुविधा है। भाजपा नेता ने दावा किया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोगों के घर-घर जाकर लॉकडाउन में उनकी जरूरतें पूरी की हैं। हमे कोरोना गाइडलाइन की जानकारी है। हम लोगों के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करेंगे। हम यह काम बेहतर तरह से कर सकते हैं क्योंकि दूसरे दल के कार्यकर्ताओं की तरह हम लॉकडाउन में घर में नहीं बैठे थे।

विपक्ष में सिर्फ अखिलेश यादव ही बटोर सके भीड़
यूपी की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी की बात करें तो पार्टी की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अलग-अलग जिलों में समाजवादी विजय यात्रा निकाली है। सपा के सहयोगी दलों ने पिछले तीन महीने सात यात्राएं और सभाएं की हैं। लेकिन लोगों की भीड़ बटोरने में सिर्फ अखिलेश यादव को ही सफलता मिली है। 12 अक्टूबर को कानपुर में हुई यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। यहां दो दर्जन से अधिक जिलों के लोग आए थे।

महिला वोटरों तक ही सिमटा कांग्रेस का अभियान
कांग्रेस का चुनाव अभियान महिला पर ही केंद्रित रहा है। पार्टी की ओर से प्रियंका गांधी ने लड़की हूं लड़ सकती हूं अभियान की शुरुआत की थी। यह अभियान पिछले महीने से चल रहा है। इस अभियान के तहत लड़कियों के लिए मैराथन का आयोजन किया जाता था। यह मैराथन मेरठ, झांसी, लखनऊ, बरेली में आयोजित की गई थी। हालांकि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पार्टी ने आजमगढ़, वाराणसी, नोएडा में खुद से मैराथन को रद्द कर दिया था। अब पार्टी लड़कियों के लिए वर्चुअल मैराथन का आयोजन करने जा रही है।

मायावती नहीं कर सकीं एक भी रैली
बसपा मुखिया मायावती की बात करें तो उन्होंने अभी तक एक भी रैली, रोड शो या जनसभा नहीं की है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव शतीश चंद्र मौर्या पार्टी के एक मात्र ऐसे नेता हैं जिन्होने सभी आरक्षित विधानसभाओं में जिला स्तर पर रैली या सम्मेलन किया है।












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