Jayant Chaudhary Net Worth: जानिए कितनी संपत्ति के मालिक हैं RLD चीफ जयंत चौधरी? पत्नी भी हैं काफी अमीर
Lok Sabha Election 2024: राष्ट्रीय लोकदल चीफ और छोटे चौधरी के नाम से मशहूर जंयत चौधरी के बारे में खबर आ रही है कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इंडिया अलायंस का साथ छोड़ सकते हैं और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा की ओर से जंयत को 3 से चार सीटों का ऑफर दिया गया है। जिसमें मथुरा-बागपत की सीटों के अलावा एक राज्यसभा की सीट भी शामिल है। कहा जा रहा है कि जंयत जौधरी सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से दिए गए सीट ऑफर से खुश नहीं है।
क्योंकि उसकी ओर से जो उन्हें सात सीटें दी गई हैं उनमे से चार सीटों पर सपा की ओर से कहा गया है कि उन पर रालोद अपने सिंबल पर सपा के उम्मीदवारों को खड़ा करे। ये बात जाट कार्यकर्ताओं को बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही है इसलिए वो जयंत पर दवाब बना रहे हैं कि वो सपा के साथ हुई डील को तोड़ दें।
फिलहाल अभी तक इस बारे में जयंत चौधरी और भाजपा दोनों की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया गया है लेकिन अपना दल नेता अनुप्रिया पटेल की ओर से जंयत चौधरी के स्वागत की बात कही गई है, जिसके बाद ये चर्चा तेज है कि बीजेपी और आरएलडी दोनों के बीच डील हो चुकी है, अगर ऐसा होता है तो ये यूपी में इंडिया अलायंस को बहुत बड़ा झटका होगा।
जयंत चौधरी के पास नहीं है कोई कार...
मालूम हो कि पश्चिमी यूपी के दिग्गज सियासी परिवार से आने वाले जयंत चौधरी के पास केवल 52 करोड़ रुपए की संपत्ति है और ना उनके पास कार है और ना ही उनके पास दोपहिया वाहन है । यही नहीं उन पर 2.48 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। ये जानकारी तब सामने आई थी जब उन्होंने मई 2023 में राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया था।
जयंत चौधरी की पत्नी चारू भी काफी अमीर हैं, बेटियां भी करोड़ो की मालकिन
खास बात ये है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अजीत सिंह बेटे जयंत चौधरी की पत्नी चारू भी 2.94 करोड़ रुपए की संपत्ति की मालकिन हैं। इस कपल को शादी से दो बेटियां साहिरा-इलेसा हैं और वो दोनों भी करोड़पति हैं। साहिरा के पास 2.44 करोड़ की और इलेसा के पास दो करोड़ रुपये की संपत्ति है और उनके ऊपर एक भी अधिकारिक मुकदमा नहीं है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं जयंत चौधरी
गौरतलब है कि साल 1978 में जन्मे जयंत चौधरी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक हैं। साल 2009 में वह मथुरा लोकसभा सीट से पहली बार सांसद बने थे। रालोद का साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी सपा के साथ गठबंधन था, उन्होंने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और एक पर भी जीत हासिल नहीं की थी तो वहीं साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी रालोद ने 33 सीटों पर इलेक्शन लड़ा था जिसमें से केवल 9 सीट पर उनकी जीत हुई थी।












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