सूबे की आखिरी दो सीटों पर भाजपा को नहीं मिल रहे प्रत्याशी
भाजपा को अभी तक सूबे के अंतिम दो सीटों 402 ओबरा व 403 दुद्धी पर प्रत्याशी नहीं मिल रहे है। जबकि अंतिम चरण की नामांकन प्रक्रिया और प्रथम चरण का मतदान भी हो गया है।
सोनभद्र। सोनभद्र जिले की ओबरा व दुद्धी विधानसभा सीट को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने के खिलाफ दायर याचिका के उच्च न्यायालय में खारिज होने के बाद दोनों सीटों को चुनाव आयोग ने हाल ही में अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बाद सपा कांग्रेस गठबंधन व बसपा ने तो अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है लेकिन भाजपा को अभी तक सूबे के अंतिम दो सीटों 402 ओबरा व 403 दुद्धी पर प्रत्याशी नहीं मिल रहे है। जबकि अंतिम चरण की नामांकन प्रक्रिया और प्रथम चरण का चुनाव भी शुरु हो गया है।

निर्वाचन आयोग ने सीटों के आरक्षण में किया बड़ा उलटफेर वर्ष 2002 के पहले दुद्धी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। वर्ष 2012 में जिले में चार सीटों का सृजन हुआ था। इसमें राबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी और ओबरा सीट बनी, जबकि इसके पूर्व राबर्ट्सगंज अनुसूचित जाति, राजगढ़ आंशिक सामान्य और दुद्धी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट थी। अब निर्वाचन आयोग ने ओबरा, दुद्धी को जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया है। ऐसे में इनको विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला है।
सपा-कांग्रेस व बसपा के ये है प्रत्याशी
दुद्धी विधानसभा सीट से बसपा ने पूर्व विधायक विजय सिंह गोंड व सपा-कांग्रेस गठबंधन ने अनिल गोंड को प्रत्याशी बनाया है। ओबरा विधानसभा सीट पर सपा कांग्रेस गठबंधन ने रवि कुमार गोंड और बसपा ने पूर्व विधायक विजय सिंह गोंड के पुत्र नीरेंद्र सिंह गोंड को प्रत्याशी बनाया है। दोनों सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के बाद बसपा व सपा-कांग्रेस गठबंधन ने अपने प्रत्याशी को बदले है। जबकि भाजपा फैसला कोर्ट में होने के कारण प्रत्याशी नहीं उतार रही थी।












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