IT Raid: 3 करोड़ कैश-20 करोड़ का सोना! UP में Bindals Group के ठिकानों पर छापेमारी में और क्या-क्या मिला?
Bindals Group Income Tax Raid Meerut: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक गलियारों में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब बुधवार की तड़के 6 गाड़ियां बिना किसी शोर के 'बिंदल्स ग्रुप' के ठिकानों में दाखिल हुईं। किसी को कानों-कान खबर नहीं थी, लेकिन अगले 84 घंटों तक जो हुआ, उसने बड़े-बड़े धुरंधरों की सांसें थाम दीं।
मुजफ्फरनगर से लेकर दिल्ली और बिजनौर तक फैली इस छापेमारी में सिर्फ 3 करोड़ की अघोषित नकदी ही नहीं, बल्कि 20 करोड़ के जेवर और 50 से अधिक बेनामी संपत्तियों के वो 'काले राज' मिले हैं, जिन्होंने विभाग की भी हैरान कर दिया।

30 से 35 ठिकानों पर छापेमारी
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, आयकर विभाग की मेरठ और गाजियाबाद विंग ने एक साथ 30 से 35 ठिकानों पर धावा बोला। इस कार्रवाई की गोपनीयता का आलम यह था कि टीम ने पहुंचते ही प्रशासनिक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए।
18 मार्च से शुरू हुई यह जांच शनिवार तक यानी लगातार 84 घंटों तक जारी रही, जिसमें मुजफ्फरनगर की 6 बड़ी पेपर मिलों (बिंदल्स डुप्लेक्स, अग्रवाल डुप्लेक्स, टिहरी पल्प, शाकुंभरी पल्प और बिंदल इंडस्ट्रीज) के साथ-साथ बिजनौर की शुगर यूनिट पर भी अफसरों ने डेरा डाले रखा।
50 करोड़ की फर्जी खरीद का खुलासा
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह है 50 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद। ग्रुप ने कागज निर्माण और कच्चे माल (गन्ने की खोई) की खरीद में भारी वित्तीय हेराफेरी कर अपने मुनाफे को कागजों पर कम दिखाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आयकर विभाग को छापेमारी के दौरान 50 से अधिक ऐसी अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनके स्वामित्व (ownership) को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
अकाउंट बुक्स में 'झोल' और 171 करोड़ की कटौती
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ग्रुप ने आयकर अधिनियम की धारा 80IA के तहत 171.3 करोड़ रुपये की गलत कटौती का दावा किया था। कंपनी के इंटरनल अकाउंटेंट और पावर प्लांट के जीएम के बयानों से पता चला है कि ग्रुप ने अपने पेपर, पावर और शुगर यूनिट्स के लिए अलग-अलग अकाउंट बुक्स (खाते) तक मेंटेन नहीं किए थे। फिलहाल, सक्रिय छापेमारी खत्म हो गई है, लेकिन विभाग अब 'पोस्ट-सर्च' जांच के जरिए निदेशकों और कर्मचारियों के बयानों की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है।












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