10000 KM का सफर तय करने चली बेटियां, मिलिए बाइकिंग क्वींस से
यह सफर करीब 10 हजार किलोमीटर का है। कानपुर में मीडिया से बातचीत करने के बाद बाइकिंग क्वींस इलाहाबाद के लिये रवाना हो गयी है।
कानपुर। "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" का सन्देश लेकर निकली बाइकिंग क्वींस कानपुर पहुंची। बाइकिंग क्वींस सूरत से लेह लद्दाख तक का सफर तय करेंगी। यह सफर करीब 10 हजार किलोमीटर का है। कानपुर में मीडिया से बातचीत करने के बाद बाइकिंग क्वींस इलाहाबाद के लिये रवाना हो गयी हैं।

मोटरसाइकिलों से 19 जुलाई को सूरत से कानपुर पहुंची बाइकिंग क्वींस का 45 लोगों का जत्था कानपुर पहुंचा। बाइकिंग क्वींस 71वे स्वतंत्रा दिवस पर लेह लद्दाख में तिरंगा झण्डा फहरायेंगी। इनकी यात्रा कुल दस हजार किलोमीटर की है जिसमें 15 प्रदेशों के 6000 गावों से होकर गुजरेगी। बाइकिंग क्वींस की टीम हेड सारिका मेहता ने बताया कि बाइकिंग क्वींस की स्थापना दो साल पहले की गयी थी।
सारिका ने बताया कि बाइकिंग केवल पुरुषों के लिए मानी जाती है। इस मिथक को तोड़ने के लिए हम लोगों ने इतनी लम्बी यात्रा करने का मन बना लिया। आज भी कई परिवारों के लोग यह सोचते हैं कि कुछ काम ऐसे होते है जिन्हें बेटियां नहीं कर सकती हैं। सारिका का कहना है की इसी मिथक को तोड़ने के लिए बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ हम लोगों की बाइकिंग यात्रा लेह लद्दाख पर जाकर समाप्त होगी।












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