अलीगढ़ में बूचड़खानों की बदबू से परेशान हुए लोग, सरकार ने सील किए 15 बूचड़खाने
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद प्रदेशभर के तमाम अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की गई थी और इन्हें सील कर दिया गया था। लेकिन पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के चलते इन्हें एक बार फिर से खोल दिया गया और यहां जानवरों की कट्टी शुरू कर दी गई। जिसकी वजह से इलाके में रहने वाले स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। अलीगढ़ के कमला रोड पर बने 15 अवैध बूचड़खानों को पुलिस ने एक बार फिर से सील कर दिया है। यहां तकरीबन सात घंटे तक छापेमारी चली, जिसके बाद इनपर कार्रवाई की गई है।

इन सभी बूचड़खानों को पहले सील कर दिया गया था, लेकिन एक बार फिर से इन्हें अवैध रूप से खोल दिया गया था और यहां जानवरों की कटाई शुरू कर दी गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने कहा है कि इन तमाम बूचड़खानों के भवनों और गोदाम को ध्वस्त कराया जाएगा और इनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। आपको बता दें कि यहां अवैध रूप से चल रहे बूचड़खाने की वजह से पूरे इलाके में काफी बदबू आती थी, जिसकी लोगों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की थी।
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डीएम के निर्देश के बाद एसडीएम सिटी एसबी सिंह की अगुवाई में पुलिस की टीम ने इस छापेमारी के अभियान को चलाया, जिसमे नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुख्य पशु चिकित्सा विभाग की टीमें शामिल थीं। टीम ने रविवार शाम को चार बजे कमला रोड स्थित मकदूम नगर में यह कार्रवाई शुरू की, जिसे देखते ही तमाम गोदाम स्वामी और मजदूर मौके से भाग खड़े हुए। गोदाम और बूचड़खानों में बड़ी मात्रा में पशुओं के अपशिष्ट सड़ते हुए पाए गए। यहां दर्जनों वाहनों पर मीट लदा मिला।
एसडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि हाजी जावेद, यामीन, रईस, छोटे, ताहिर, आस मोहम्मद, हाजी सलीम अतरौली वाले, बबलू बाबू, आजाद, हाजी मुकीम, समरू, बाबा रफीक समेत 15 गोदामों और यहां गाड़ियों पर लदे मीट को सील कर दिया गया है और इनके मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा। यही नहीं इन बिल्डिंग को ध्वस्त भी कराया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि मीट को दफन कर दिया जाएगा।
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