Best MLA Award in UP: पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन से लौटे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया ये बड़ा ऐलान
Best MLA Award in UP: सतीश महाना ने कहा है कि नए सत्र से उत्तर प्रदेश की विधानसभा में ‘उत्कृष्ट विधायक’ पुरस्कार देने की शुरुआत होगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा।

Best MLA Award in UP: उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा है कि हाल ही में जयपुर में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में उत्तर प्रदेश विधानसभा में हो रहे बदलावों और नए प्रयासों पर चर्चा हुई। महाना ने दावा किया कि सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश की विधानसभा को देश में एक प्रतिमान के रूप में सराहा गया। साथ ही इन बदलावों को देश की दूसरी विधानसभाओं में भी लागू करने पर विचार किया गया। महाना ने कहा कि कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष जल्द ही लखनऊ आकर इसकी जानकारी लेंगे। इस दौरान महाना ने कहा कि अगले साल से अब विधानसभा की तरफ से बेस्ट एमएलए का अवार्ड दिए जाने की शुरुआत भी की जाएगी।

पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की दी जानकारी
विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को विधानसभा में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। दरअसल गत 10-12 जनवरी को संपन्न हुए 83वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में देश की विधानसभाओं के संचालन के लिए कई संकल्प लिए गए। सम्मेलन में संकल्प लिया गया कि विधायी निकायों के कार्य संचालन और प्रक्रिया के नियमों की व्यापक समीक्षा की जाए। साथ ही सदस्यों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आदर्श समान नियम बनाए जाएं।

‘उत्कृष्ट विधायक’ अवार्ड की परंपरा शुरू होगी
महाना ने कहा कि इस सम्मेलन में प्रश्नकाल स्थगित होने को लेकर सम्मेलन में चिंता व्यक्त की गई। परन्तु यूपी विधानसभा के पहले तीन सत्रों में प्रश्नकाल एक बार भी स्थगित न होने पर सम्मेलन में इसे सराहा गया। नए सत्र से उत्तर प्रदेश की विधानसभा में 'उत्कृष्ट विधायक' पुरस्कार देने की शुरुआत होगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जो विधायक के आचार व्यवहार, क्रिया कलाप और उसके भाषणों इत्यादि पर विचार करके उसे पुरस्कृत करने का काम करेगी। 'उत्कृष्ट विधायक' का चयन करके उनकी तस्वीर भी विधानसभा परिसर में लगाई जाएगी।
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महिलाओं व युवाओं पर किया गया मंथन
महाना ने बताया कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में संवैधानिक उपबंधों, विधायी कियाओं और प्रक्रियाओं में सभी वर्गों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं की शिक्षा के लिए समस्त संभव उपायों को करने का संकल्प लिया गया। विधान मण्डल के शक्ति केन्द्र के रूप में समितियों की भूमिका को मान्यता देते हुए, सभी विधायी निकायों की समिति प्रणाली को सशक्त करने के लिए सार्थक कदम उठाने पर भी विचार विमर्श किया गया।

सम्मेलन में विधानसभा की कार्यवाही अधिक चलाने पर रहा जोर
सम्मेलन में विधानसभा कार्यवाही को अधिक से अधिक चलाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो यूपी विधानसभा को रात 12 बजे तक भी संचालित किया जाएगा। विधानमंडलों की वित्तीय स्वायत्तता की प्राप्ति के मामले में एआईपीओसी को राज्य सरकार के साथ व्यापक विचार विमर्श के लिए अधिकृत किया गया। इसके अलावा पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में संकल्प लिया गया कि विधायी निकाय वृहत दक्षता, पारदर्शिता और परस्पर जुडाव के हित में विधायी निकायों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल ग्रिड में सम्मिलित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएगें।

यूपी ने तोड़ी पुरानी धारणाएं
महाना ने बताया कि यूपी विधानसभा के प्रति जो वर्षो पुरानी एक धारणा बनी थी उसमें अब बदलाव होता दिख रहा है। सम्मेलन में यूपी के विधायकों की योग्यता के बारे में बताया गया। साथ ही अलग अलग विधायक समूहों के साथ हुई बैठकों के साथ ही सम्मेलन में उपस्थिति सभी प्रतिनिधियों ने इस बदलाव को सराहा। जिससे पूरे देश की विधानसभाओं में एक संदेश गया। उन्होंने कहा कि अब यूपी विधानसभा की पूरी देश में चर्चा हो रही है जो प्रदेश की जनता के लिए गर्व की बात कही जाएगी।












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