चुनाव से पहले मोहन भागवत ने टटोली यूपी की सियासी नब्ज, मंदिर के निर्माण कार्य का फीडबैक भी लिया
लखनऊ/ अयोध्या, 21 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। चुनाव से पहले यूपी की सियासी नब्ज टटोलने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्यों का फीडबैक लेने संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को अयोध्या पहुंचे थे। भागवत ने गुरुवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर का दौरा किया और अस्थायी राम मंदिर में राम लला का दर्शन किया। हालांकि आज उनके दौरे का आखिरी दिन था और उन्होंने निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया।

आरएसएस सूत्रों के अनुसार संघ प्रमुख ने आगामी राम मंदिर के चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने नींव के काम के बारे में पूछताछ की, जो पूरा हो चुका है। मिर्जापुर और कर्नाटक के पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। आरएसएस के सूत्रों की माने तो राम जन्मभूमि पर आने वाली अन्य संरचनाओं के बारे में जानकारी ली। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, मोहन भागवत के साथ राम जन्मभूमि के दौरे पर गए और उन्हें अन्य परियोजनाओं के बारे में बताया। ट्रस्ट ने राम मंदिर के गर्भगृह को भक्तों के लिए खोलने के लिए दिसंबर 2023 की समय सीमा तय की है।
आज संघ प्रमुख के तीन दिवसीय दौरे आखिरी दिन था
आरएसएस प्रमुख को राम जन्मभूमि परिसर को पर्यावरण हितैषी बनाने के प्रस्ताव और इससे जुड़ी परियोजनाओं के बारे में भी बताया गया। मोहन भागवत, हालांकि, समय की कमी के कारण ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से नहीं मिले। आरएसएस प्रमुख शाम को सड़क मार्ग से लखनऊ के लिए रवाना हुए। वह आरएसएस के एक कार्यक्रम अखिल भारतीय अभ्यास वर्ग में शामिल होने के लिए मंगलवार (19 अक्टूबर) को अयोध्या पहुंचे थे।

तीन दिनों तक चला आरएसएस का शारीरिक प्रशिक्षण वर्ग
राष्ट्रीयता, भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार और स्वदेशी को बढ़ावा देने के तरीके के बारे में आरएसएस के स्वयंसेवकों को अवगत कराने और प्रशिक्षित करने के लिए यह कार्यक्रम हर पांचवें वर्ष आयोजित किया जाता है। यह कार्यक्रम लंबे समय के बाद नागपुर के बाहर आयोजित किया जा रहा है जब उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह आयोजन 18 अक्टूबर से शुरू हुआ और शुक्रवार को समाप्त होगा। इसमें देशभर से करीब 500 आरएसएस के स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं।बुधवार को तीन सत्रों को संबोधित किया था।

संघ के सूत्रों की माने तो बुधवार को संघ प्रमुख ने कारसेवकपुरम में चल रहे अखिल भारतीय भौतिक वर्ग को बौद्धिक ज्ञान के तीन सत्रों को संबोधित किया। उन्होंने देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं शुरू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन सहित भारत के इतिहास की सच्चाई को सामने लाने में वीर सावरकर की भूमिका पर चर्चा की। शत्रु देशों की हरकतों से बचने के लिए सीमा क्षेत्र में संगठन की ताकत पर विशेष चर्चा हुई।
नवंबर से बनेगा राम चबूतरा
मंदिर निर्माण के लिए तीसरे चरण का काम नवंबर से शुरू होगा, जिस पर 16 फीट ऊंचे राम चबूतरे का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके लिए पत्थर आने लगे हैं। चबूतरे के ऊपर लगाने के लिए मिर्जापुर के 4 फीट लंबे और 2 फीट चौड़े पत्थरों के 30 हजार ब्लॉक बनाए जाने हैं। राम चबूतरा के लिए 4500 क्यूबिक फीट में स्थापित करने के लिए बैंगलोर से ट्रकों के माध्यम से पत्थर लाए जा रहे हैं।

आरएसएस ने चुनाव की कमान संभाली
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। कहा जा रहा है कि मिशन 2022 की कमान अब पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने हाथ में ले ली है। 2024 का सेमीफाइनल कहे जाने वाला यूपी चुनाव बीजेपी के लिए अहम है। जिस तरह से आरएसएस ने जय श्री राम के नारे को लोगों की जुबान पर लाने का काम किया।












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