• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

पैसे न देने पर नर्स ने गर्भवती महिला को भगाया, सड़क पर प्रसव होते ही नवजात की मौत

|

बहराइच। एक तरफ जहां प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी अस्पतालों में सभी को बेहतर व सस्ता इलाज देने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी ओर इन अस्पतालों में तैनात डॉक्टर व कर्मचारी आम लोगों के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए नजर आ रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के जनपद बहराइच का है जहां प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्टाफ नर्स ने पैसा न देने के कारण वापस लौटा दिया। इस दौरान वापस लौटते वक्त महिला का सड़क पर ही प्रसव हो गया और नवजात सड़क पर ही गिर पड़ा। जिसकी वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों में सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कहते हुए लोगों को शांत कराया। सीएमओ ने इस मामले में डिप्टी सीएमओ को जांच सौंपकर रिपोर्ट तलब की है।

स्टाफ नर्स ने पांच हजार रुपये की डिमांड की थी

स्टाफ नर्स ने पांच हजार रुपये की डिमांड की थी

गोंडा जिले के धानेपुर पहड़वा निवासी शेर मोहम्मद अपने परिवार के साथ रोजी रोटी के सिलसिले में अरसे से विशेश्वरगंज के बड़ागांव खरकट्टनपुरवा में रह रहे हैं। रविवार देर रात शेरमोहम्मद की पत्नी मेहनाज (३०) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर पति ने तड़प रही पत्नी को वाहन का इंतजाम कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेश्वरगंज पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी डॉक्टर नहीं था। ड्यूटी पर एक स्टाफ नर्स थी। पीड़ित शेर मोहम्मद का कहना है कि स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन से प्रसव कराने की बात कही। इसके लिए स्टाफ नर्स ने पांच हजार रुपये की डिमांड की। शेर मोहम्मद ने इतना पैसा न दे पाने की बात कही। इस पर स्टाफ नर्स भड़क उठी। शेर मोहम्मद का आरोप है कि स्टाफ नर्स ने पत्नी को अस्पताल से भगा दिया। विरोध करने पर अपशब्दों का भी प्रयोग किया। शेर मोहम्मद पत्नी को कंधे पर लादकर अस्पताल गेट के सामने सड़क पर पहुंचा तभी प्रसव हो गया।

 लोगों ने संवेदनहीनता के खिलाफ किया प्रदर्शन

लोगों ने संवेदनहीनता के खिलाफ किया प्रदर्शन

पति की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े। घरों की महिलाओं ने चादर की ओट बनाकर सड़क पर प्रसूता को संभाला, लेकिन नवजात के सड़क पर गिरने से कुछ देर बाद ही उसने तड़प कर दम तोड़ दिया। पूरी रात प्रसूता अस्पताल के सामने सड़क पर पड़ी रही। रात की घटना से गुस्साए लोगों ने सुबह 10 बजे विशेश्वरगंज इकौना मार्ग पर जाम लगाकर संवेदनहीनता के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला

जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला

सूचना पाकर दोपहर में उपजिलाधिकारी पयागपुर संतोष उपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर गुस्साए लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। एसडीएम ने बताया कि वह जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेज रहे हैं। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके पांडेय ने पूरे मामले की जांच डिप्टी सीएमओ को सौंपी है। सीएमओ ने कहा कि मामला काफी गंभीर है, दोषी को कतई बक्शा नहीं जाएगा।

कई दिनों से नाराज थी प्रेमिका, प्रेमी ने मुंह पर बल्ला मार-मारकर दे दी मौत

अधिक उत्तर प्रदेश समाचारView All

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
bahraich nurse denied to operate pregnant woman after not giving money new born baby died in road
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more