आजमगढ़ उपचुनाव: क्या निरहुआ की BJP से तय हुई उम्मीदवारी ? ऐलान से पहले प्रचार शुरू
लखनऊ, 3 जून: भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। वह पिछले लोकसभा चुनाव में भी इसी सीट से बीजेपी के प्रत्याशी थे और इस बार भी पार्टी में जिन दो नामों पर चर्चा होने की बात चल रही है, उनमें वे भी शामिल हैं। लेकिन, पार्टी एक तरफ तो उम्मीदवार का टिकट फाइनल करने को लेकर मंथन कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ निरहुआ ने पोस्टर के जरिए प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या निरहुआ का टिकट फाइनल कर दिया गया है या फिर उन्हें इसका इशारा मिल चुका है?

क्या निरहुआ की भाजपा से तय हुई उम्मीदवारी ?
उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ लोकसभा सीट पर बीजेपी किसी ब्राह्मण उम्मीदवार को उतारेगी या फिर भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को टिकट देगी, यह बात अभी औपचारिक तौर पर साफ नहीं हुई है। लेकिन, भोजपुरी कलाकार ने इससे पहले ही चुनावी मैदान में दस्तक दे दी है। हालांकि, भाजपा सूत्रों का भी मानना है कि निरहुआ का नाम उम्मीदवारी के लिए आगे चल रहा है, लेकिन अखिलेश मिश्रा 'गुड्डु' के नाम की अटकलें भी चल रही हैं। मिश्रा पिछले विधानसभा चुनाव में सपा के 9 बार के विधायक दुर्गा प्रसाद यादव के खिलाफ आजमगढ़ सदर से चुनाव लड़ चुक हैं। वैसे भाजपा प्रत्याशी यहां से 16,000 वोट से हार गए थे, लेकिन उन्हें 36% वोट मिले थे। जबकि, सपा उम्मीदवार को 42% मत हासिल हुए थे। यही वजह है कि अखिलेश मिश्रा 'गुड्डु' के नाम पर भी मंथन किया जा रहा है।
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बीजेपी में ब्राह्मण उम्मीदवार पर भी मंथन!
आजमगढ़ सीट पर ओबीसी और मुस्लिम वोटरों की भूमिका प्रभावशाली रही है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने मुबारकपुर से पार्टी के दो बार विधायक रह चुके शाह आलम 'गुड्डु जमाली' को उतारने का फैसला किया है। लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने सपा नेता आजम खान के गढ़ रामपुर से अपना प्रत्याशी नहीं देने का भी ऐलान किया है। मायावती के इस कदम को उनकी ओर से मुसलमानों को अपने पक्ष में करने की रणनीति मानी जा रही है। चुनावी जानकारों की मानें तो बसपा का यह कदम सपा के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है। क्योंकि, पिछले विधानसभा चुनाव में मुसलमानों ने आंख मूंदकर अखिलेश यादव के नाम पर वोट दिया था। इसी गणित को देखते हुए, बीजेपी में ब्राह्मण उम्मीदवार के नाम पर भी चर्चा चल रही है।

कमल का बटन दबाने की अपील
लेकिन, भोजपुरी ऐक्टर दिनेश लाल यादव ने शुक्रवार को एक ट्वीट किया है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें पार्टी की ओर से टिकट मिलने का इशारा मिल गया है? क्योंकि, उस पोस्टर में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की फोट भी लगवाई है। पोस्टर में आजमगढ़ के लोगों से कमल का बटन दबाने की अपील की गई है।

निरहुआ को क्यों मिल सकता है टिकट ?
निरहुआ की दावेदारी इसलिए भी मजबूत है, क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उनपर दांव लगा चुकी है। हालांकि, वह समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अखिलेश यादव से लगभग 2 लाख 60 हजार वोटों के अंतर से पराजित हुए थे। लेकिन, भाजपा यादवों में अपना जनाधार मजबूत करने के लिए यह सियासी चाल चल सकती है। क्योंकि, विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने यादव-बहुल करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीतने के बाद प्रदेश की राजनीति करने का फैसला किया है। इसीलिए उन्होंने लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी, जिसके चलते वहां उप चुनाव करवाए जाने हैं। वैसे सपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटें जीत ली थी। हालांकि, भाजपा ने हर सीट पर उसे तगड़ा मुकाबला दिया था। समाजवादी पार्टी ने उपचुनाव में इस बार इस सीट से दलित चेहरे सुशील आनंद पर दांव लगाया है। यानी इस बार यहां समीकरण पूरी तरह से बदलता दिख रहा है। (ऊपर की तस्वीरें-फाइल)
निरहुआ का पोस्टर प्रचार शुरू
इस बीच निरहुआ ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किए गए पोस्टर के कैप्शन में लिखा है, 'जाति धरम ना कवनो भरम ना कवनो मनबढ़ के लिए, कमल क बटन दबईह भैया अपने आज़मगढ़ के लिए' इस पोस्ट को उन्होंने बीजेपीइंडिया, बीजेपीयूपी, नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा,योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं को टैग किया है।












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