Ayodhya Ram Mandir: 2024 से पहले काम निपटाना चाहती है मंदिर निर्माण समिति, लिया ये बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश में Ayodhya Ram Mandir का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बीजेपी की कवायद है कि वह 2024 में होने वाले आम चुनाव से पहले इस चुनावी वादे को हर हाल में पूरा करना है। बीजेपी की कोशिश है कि यदि तय डेडलाइन के भीतर मंदिर का निर्माण न पूरा हो पाए तो गर्भगृह का निर्माण पूरा कराकर वहां श्रद्धालओं का दर्शन शुरू करा दिया जाए। हालांकि इस बीच राम मंदिर निर्माण समिति ने रविवार को अयोध्या में चल रहे मंदिर निर्माण में काम के घंटे बढ़ाने का फैसला किया ताकि बारिश के कारण हुए समय की भरपाई की जा सके।

बारिश की वजह से निर्माण कार्य में आ रही बाधा
राजस्थान के भरतपुर में बंसी पहाड़पुर खदानों से लगभग सभी नक्काशीदार पत्थर अयोध्या पहुंच चुके हैं। इन पत्थरों का उपयोग राम मंदिर के सुपर स्ट्रक्चर (मुख्य भवन) के निर्माण में किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने चल रहे निर्माण की समीक्षा की और कार्य में आ रही समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी भी मौजूद थे। बैठक के दौरान इंजीनियरों ने मिश्रा को इस माह अत्यधिक वर्षा के कारण निर्माण कार्य में हो रहे समय के नुकसान से अवगत कराया।

काम के घंटे बढ़ाने का समिति ने लिया निर्णय
समिति की तरफ से काम के घंटे बढ़ाने का फैसला किया गया। बैठक के दौरान मिश्र को राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से अयोध्या में लगभग सभी नक्काशीदार पत्थरों के आने की भी जानकारी दी गई। बैठक के दौरान इंजीनियरों ने आश्वासन दिया कि मंदिर का निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी बैठक में लार्सन एंड टुब्रो और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के इंजीनियरों के साथ उपस्थित थे। ये दोनों संगठन राम मंदिर के निर्माण कार्य में लगे हैं।

2023 दिसंबर तक पूरा होने की संभावना
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि पांच कार्यशालाओं में अधिरचना (मुख्य संरचना) के लिए लाल बलुआ पत्थरों को तराशने के लिए लगभग 1,200 कारीगर काम कर रहे हैं, जिसका निर्माण शुरू हो गया है। राम मंदिर का निर्माण कार्य योजना के अनुसार चल रहा है। यह दिसंबर 2023 तक पूरा होने की संभावना है। राम लला के दिसंबर 2023 तक या 15 जनवरी, 2024 को मकर संक्रांति के अवसर पर राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होने की संभावना है।

पीएम मोदी ने किया था मंदिर निर्माण का भूमि पूजन
मंदिर के भव्य उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की सबसे अधिक संभावना है। उन्होंने 5 अगस्त, 2020 को मंदिर के भूमि पूजन की अध्यक्षता की थी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, लगभग 4.75 लाख क्यूबिक फीट बंसी पहाड़पुर पत्थरों का उपयोग मुख्य संरचना में किया जाएगा। लगभग 40% पत्थर के खंभे खुदे हुए हैं और स्थापित करने के लिए तैयार हैं। अयोध्या में चल रहे निर्माण की समिति की तरफ से समय समय पर समीक्षा की जाती है। जब जरूरत पड़ती है समिति उसके अनुसार फैसला लेती है।

2024 से पहले चुनावी वादा पूरा करने की कवायद
ट्रस्ट ने गर्भगृह, फर्श, मेहराब, रेलिंग और चौखट के लिए राजस्थान से सफेद मकराना संगमरमर का पत्थर खरीदने का फैसला किया है। अयोध्या के कारसेवकपुरम से काम करने वाले विहिप के एक नेता कहते हैं, ''भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के आम चुनाव से पहले राम मंदिर के निर्माण के वादे को पूरा करने में जुटी हुई है।" दरअसल बीजेपी की कोशिश आम चुनाव में मंदिर निर्माण के मुद्दे का सियासी लाभ लेना है। बीजेपी के रणनीतिकारों को लगता है कि इसका लाभ तभी मिल पाएगा जब 2024 की डेडलाइन के भीतर मंदिर निर्माण का काम पूरा हो जाएगा।












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