Ayodhya Deepotsav 2025: सरयू तट पर दिव्यता और आधुनिकता का अद्भुत मेल, गूंजेगी संगीत और रोशनी की छटा
Ayodhya Deepotsav 2025: अयोध्या इस दीपावली में एक नया इतिहास रचने जा रही है। सरयू घाट और राम की पैड़ी पर दीपोत्सव-25 का आयोजन इस बार और भी भव्य रूप में होगा। लाखों दीप जलने के साथ ग्रीन आतिशबाज़ी पहली बार श्रद्धालुओं को नया अनुभव देगी।
19 अक्टूबर की शाम को होने वाला यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का ही प्रतीक नहीं होगा बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरा उत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान बनाए।

करीब दस मिनट तक चलने वाला ग्रीन फायरवर्क्स शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी के साथ पेश किया जाएगा। सरयू के जल पर रंगीन रोशनी का प्रतिबिंब वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देगा और दर्शक भक्ति और आनंद में डूब जाएंगे।
लाखों दीप जगमगाएंगे रामनगरी
इस बार दीपोत्सव में 26 लाख से अधिक दीप जलाए जाने की तैयारी है। घाटों पर सजे दीपों का महासागर मानो त्रेतायुग की छवि को साकार करेगा। दीपों की श्रृंखलाएं श्रद्धालुओं की भावनाओं और भक्ति का अनोखा प्रतीक बनेंगी।
सरकार की मंशा है कि अयोध्या की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व स्तर पर नई पहचान मिले। लाखों दीपों का यह आयोजन न सिर्फ पर्यटन को गति देगा बल्कि अयोध्या को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का भी कार्य करेगा।
ग्रीन आतिशबाजी बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस बार की सबसे बड़ी विशेषता प्रदूषण-मुक्त आतिशबाज़ी है। विशेष तकनीक से तैयार ग्रीन फायरवर्क्स रंग-बिरंगी रोशनी फैलाते हुए पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचाएंगे। यही वजह है कि यह शो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा।
संगीत और लेज़र शो के साथ प्रस्तुत की जाने वाली आतिशबाज़ी परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम होगी। सरयू तट पर जमा श्रद्धालु जब इसे देखेंगे तो उन्हें ऐसा लगेगा मानो पूरा आसमान रोशनी का उत्सव मना रहा हो।
पर्यटन मंत्री ने दी जानकारी
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दीपोत्सव को दिव्य और भव्य बनाया जा रहा है। 26 लाख दीप और पर्यावरण हितैषी आतिशबाज़ी से अयोध्या की भव्यता पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित होगी।
उन्होंने बताया कि आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की संस्कृति को वैश्विक पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारत की गौरवशाली धरोहर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रतीक होगा।
पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि दीपोत्सव-25 में परंपरा और नवाचार दोनों का उत्सव देखने को मिलेगा। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए भी अयोध्या की परंपरा और संस्कृति को मूल रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।












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