Ayodhya: निकाय चुनाव में "राम की पैड़ी" और 'रामजन्मभूमि' में हारी थी BJP, अब नए सिरे से हो रही समीक्षा
Bharatiya Janata Party: उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए निकाय चुनाव की जानकारियां सामने आने लगी हैं। अयोध्या में राम की पैड़ी और रामजन्मभूमि वार्ड में बीजेपी की हार ने शीर्ष नेताओं को चिंता में डाल दिया है।

Bharatiya Janata Party: उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए निकाय चुनाव में बीजेपी को शानदार सफलता मिली है। लेकिन इस बीच अयोध्या के उस वार्ड में बीजेपी को सपा ने मात दे दी है जहां हर वर्ष दीपोत्सव पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। अयोध्या के लक्ष्मण घाट वार्ड के अंतर्गत ही राम की पैड़ी आती है जहां समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को एक हजार से ज्यादा मतों से हराया है। वहीं अभिरराम दास वार्ड के तहत श्रीरामजन्मभूमि आती है। यहां भी बीजेपी की करारी हार हुई है। अयोध्या में हुई इस हार ने बीजेपी और सरकार को सकते में डाल दिया है। अब बीजेपी नए सिरे से हार की समीक्षा में जुटी हुई है।
राम की पैड़ी पर हर साल सरकार कराती है दीपोत्सव
दरअसल, लक्ष्मण घाट वार्ड के अंतर्गत अयोध्या के भव्य राम की पैड़ी घाट पर दीपोत्सव समारोह का आयोजन किया जाता है। यहां समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्याशी प्रिया शुक्ला ने भाजपा प्रत्याशी बिंदु पांडेय को 1,199 मतों के अंतर से हराया है। बीजेपी की इस हार का गलत संदेश गया है जिससे बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व काफी चिंतित हैं और वह इस हार की समीक्षा करने में जुटा हुआ है।
लक्ष्मण वार्ड की हार को पचा नहीं पा रही बीजेपी
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल अयोध्या में दिवाली पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित दीपोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि थे। लक्ष्मण घाट वार्ड में भाजपा की हार अपमानजनक रही है। यहां तक कि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने भी इस हार पर संज्ञान लिया है। आज तक पार्टी के नेता इस हार को पचा नहीं पा रही है।
अभिराम दास वार्ड में भी बीजेपी को मिली निराशा
अयोध्या में इस निकाय चुनाव में सबसे आश्चर्यजनक जीत अभिराम दास वार्ड से निर्दलीय उम्मीदवार सुल्तान अंसारी की थी जहां राम जन्मभूमि है। जून 2021 में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किए गए भूमि खरीद सौदे में अंसारी विवादों में घिर गए थे। अंसारी की जीत अधिक महत्व रखती है क्योंकि अभिराम दास वार्ड में मुसलमानों की संख्या केवल 11 प्रतिशत है।
हिन्दू बाहुल्य सीट पर निर्दल मुसलिम प्रत्याशी जीता था
मतदाता सूची के अनुसार, वार्ड में 440 मुस्लिम मतदाता और 3,844 हिंदू मतदाता हैं। इस वार्ड में 2388 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसमें से अंसारी को 895 वोट मिले। एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार नागेंद्र कुमार 553 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे जबकि भाजपा उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।
अयोध्या के एक बीजेपी नेता ने कहा कि,
बीजेपी ने अयोध्या में मेयर पद की सीट पर भले ही शानदार जीत हासिल की हो, लेकिन वार्ड, नगर पंचायत और नगर पालिका सीटों पर समाजवादी पार्टी ने उसे कड़ी टक्कर दी है। अभिराम दास और लक्ष्मण घाट वार्डों में भाजपा की हार चौंकाने वाली रही है। 60 वार्डों में पार्टी का समग्र प्रदर्शन खराब है। मेयर की सीट पर शानदार जीत से वार्डों में हार पर भारी पड़ गया है।
अयोध्या की मेयर सीट पर रहा बीजेपी का कब्जा
महापौर सीट पर भाजपा के महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने 77,494 वोट हासिल कर जीत हासिल की जबकि उनके सपा प्रतिद्वंद्वी आशीष पांडेय ने 41,856 वोट हासिल किए। अयोध्या के 60 वार्डों में से 27 वार्डों में भाजपा, 17 पर समाजवादी पार्टी, 10 निर्दलीय प्रत्याशी, तीन पर बसपा, एक-एक वार्ड में पीस पार्टी, आप और रालोद को जीत मिली थी।












Click it and Unblock the Notifications