Atiq and Ashraf: CM योगी के जांच आयोग के बाद अब DGP ने गठित की SIT, जानिए क्या है इसका मकसद
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजकुमार विश्वकर्मा ने प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में SIT का गठन किया है। इसमें तीन लोग शामिल रहेंगे।

Atiq and Ashraf: माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की देर रात पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक साथ हुई डबल मर्डर की इस घटना ने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया था। इस हत्याकांड के बाद अब उत्तर प्रदेश के DGP राजकुमार विश्वकर्मा ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसमें तीन सदस्यों को शामिल किया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन का ऐलान किया था।
तीन सदस्यीय होगी SIT
पुलिस महानिदेशक यूपी यानी डीजीपी की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक तीन सदस्यीय एसआईटी का अध्यक्ष अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन यानी एडीजी स्तर के अधिकारी भानु भास्कर को बनाया गया है। इसके अलावा प्रयागराज कमिश्नर और विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के निदेशक को इसका सदस्य बनाया गया है। यह एसआईटी दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार सुसंगत प्रावधानों के अनुसार विवेचना की गुणवत्ता तथा समयबद्ध कार्यवाही को सुनिश्चित करेगी।
16 अप्रैल को हुआ था जांच आयोग का गठन
इससे पहले सीएम योगी के ऐलान के बाद रविवार 16 अप्रैल को तीन सदस्यीय न्यायिक जांच समिति का गठन प्रदेश सरकार द्वारा कर दिया गया था। यह जांच आयोग 15 अप्रैल को प्रयागराज जिले में हुए संपूर्ण घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर दो महीने में सरकार को रिपोर्ट देगी।
इस आयोग में भी तीन सदस्य ही शामिल
न्यायिक जांच समिति की अध्यक्षता इलाहाबाद एचसी के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी करेंगे। बता दें, इस जांच आयोग में सेवानिवृत्त आईपीसी अधिकारी सुबेश कुमार सिंह और सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार सोनी शामिल हैं।
अतीक की हत्या के बाद सीएम ने लिया था फैसला
दरअसल, अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के बाद सीएम योगी ने देर रात उच्च स्तीरय बैठक बुलाई थी और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं, पुलिस अधिकारियों के साथ सीएम कई घंटों तक हाईलेवल बैठक भी चली थी।
इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पांच अधिकारियों को प्रयागराज भेजने का फैसला हुआ था। साथ ही, शनिवार रात हुई हत्या के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई थी।












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