Shankaracharya पर FIR कराने वाले Ashutosh महाराज की चलती ट्रेन में काटी गई नाक? क्या बोले अविमुक्तेश्वरानंद?
Ashutosh Brahmachari Maharaj Train Attack: एक बार फिर सनातन धर्म की आस्था से जुड़े विवाद में हिंसा की नई कड़ी जुड़ गई है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज पर रविवार सुबह चलती ट्रेन में धारदार हथियार से हमला हुआ। यह वहीं महाराज हैं, जिन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिग बटुकों (धार्मिक छात्रों) के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई है।
हमलावर ने आशुतोष की नाक काटने की कोशिश की, चेहरे और हाथों पर कई वार किए। आशुतोष किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में बंद होकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। यह घटना रीवा एक्सप्रेस में गाजियाबाद से प्रयागराज जाते समय फतेहपुर और सिराथू स्टेशन के बीच हुई। आइए जानते हैं पूरी कहानी...

घटना का ब्यौरा क्या है?
आशुतोष ब्रह्मचारी फर्स्ट AC कोच में सफर कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट जाने के लिए उठे। बाहर गेट पर एक अज्ञात व्यक्ति खड़ा था, जो बॉडीबिल्डर जैसा लग रहा था। जैसे ही वे आगे बढ़े, हमलावर ने पीछे से धारदार हथियार (उस्तरा या चाकू जैसा) से हमला कर दिया। नाक काटने की कोशिश की गई। चेहरे, हाथों पर कई गहरे वार किए गए, खून बहने लगा। आंखों की रोशनी प्रभावित हुई। आशुतोष ने बचाव में घूंसे मारे, खड़ाऊं से वार किया। आसपास के यात्री चिल्लाए। वे किसी तरह टॉयलेट में घुसकर दरवाजा बंद कर ले गए और जान बचाई।
Ashutosh Maharaj Allegations: आशुतोष ने किसे जिम्मेदार ठहराया?
प्रयागराज पहुंचकर उन्होंने प्रयागराज जीआरपी में लिखित शिकायत दी। आरोप लगाया कि हमला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य लोगों की साजिश है। आशुतोष ने दावा किया कि हमलावर चिल्ला रहा था कि तुम्हारी नाक काटकर गुरु के चरणों में चढ़ाऊंगा। साथ ही कहा कि उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एक डॉ. स्वाति अघोरी (जो खुद को अविमुक्तेश्वरानंद की शिष्या बताती हैं) ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली। आशुतोष ने मांग की है कि कोर्ट में सबूत पेश करने तक सुरक्षा दी जाए। सबूत पेश करने के बाद मार भी दें, कोई परेशानी नहीं। आशुतोष का मेडिकल कराया गया (कॉल्विन अस्पताल), हालत खतरे से बाहर।
शंकराचार्य का पलटवार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हमले को 'दिखावा' बताया। स्वामी ने कहा कि आशुतोष माहौल बनाने और सुरक्षा पाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। आरोप सिर्फ मीडिया अटेंशन के लिए हैं। यह यात्रा (शायद केस या धार्मिक यात्रा) से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
आशुतोष ने इसपर जवाब दिया कि हम एक-एक बूंद खून का बदला लेंगे। वे झूठ बोल रहे हैं। अपनी नाक कटवाकर देख लें। हम उन्हें कानून से ही मारेंगे।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
आशुतोष महाराज जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में मुख्य वादी। 21 फरवरी 2026 को प्रयागराज कोर्ट में शिकायत की कि अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रमों (वाराणसी, जोशीमठ, बद्रीनाथ आदि) में बाढ़ प्रभावित इलाकों से लाए गए नाबालिग बटुकों का यौन शोषण हुआ। पोक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में केस। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। मार्च के तीसरे हफ्ते में अग्रिम जमानत पर सुनवाई होगी। बता दें कि आशुतोष पर खुद 21 FIR हैं।
यह घटना धार्मिक विवादों में हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दिखाती है। पुलिस जांच से साजिश की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल तनाव चरम पर है।












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