संयोग या साजिश: अपर्णा यादव ने आज ही ज्वाइन की थी भाजपा, क्या भाजपाई होने के कारण प्रतीक यादव दे रहे तलाक?
Aparna Yadav Prateek Yadav divorce controversy: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अचानक अपनी पत्नी अपर्णा यादव पर कई आरोप लगाते हुए तलाक लेने का ऐलान कर दिया है। इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव को स्वार्थी औरत बताते हुए लिखा " मैं 'स्वार्थी' पत्नी से जल्द तलाक ले रहा हूं, वो नाम और शोहरत की भूखी है, उसने मेरे सारे पारिवारिक रिश्ते बर्बाद किए हैं।"

हालांकि भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस मुद्दे पर अभी तक चुप्पी साध रखी है लेकिन उनके भाई अमन बिष्ट ने दावा किया है कि प्रतीक यादव ने ये पोस्ट स्वयं नहीं की है, बल्कि उनका इंस्टा अकाउंट हैक हो गया है, ये सभी पोस्ट फेक है। भाजपा में अपर्णा की सक्रियता और प्रतीक का यह आक्रामक बयान,इस घटना ने लखनऊ से दिल्ली तक सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
संयोग या साजिश?
वहीं यादव परिवार ने हालांकि इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि मुलायम परिवार की छोटी बहू को उनके पति प्रतीक यादव ने ऐसी तारीख को तलाक देने का ऐलान किया है जिस तारीख को अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं थीं। ये महज संयोग है या कोई साजिश इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
आज ही के दिन भाजपा में शामिल हुईं थी मुलायम परिवार की छोटी बहू अपर्णा यादव
याद रहे आज से ठीक चार साल पहले 19 जनवरी 2022 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ऐन पहले अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थामा था। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। अपर्णा यादव के भाजपा ज्वाइन करते ही मुलायम परिवार खूब सुखियां बना था और परिवार पर बहू के साथ भेदभाव वाला व्यवहार करने का आराेप लगा था।
चार साल बाद पति ने तलाक देने का किया ऐलान
अब ठीक चार साल बाद, 19 जनवरी 2026 को, प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए पत्नी को स्वार्थी और घर तोड़ने वाली बताते हुए तलाक देने का ऐलान किया है।
इस संयोग पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चाएं छिड़ गई हैं। जिस तारीख को अपर्णा ने अपना राजनीतिक करियर बदला, उसी दिन उनके वैवाहिक जीवन में इतनी बड़ी दरार की खबर आना कई सवाल खड़े करता है। प्रतीक की पोस्ट से साफ है कि यह कड़वाहट लंबे समय से थी, जो अब सार्वजनिक हुई है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग उत्तर प्रदेश विधासभा चुनाव 2027 से पहले इसे भाजपा के खिलाफ सपा की साजिश होने का कर रहे हैं।
KGMU में 'लव जिहाद / धर्मांतरण' के मामले में अपर्णा यादव ने लिया था कड़ा एक्शन
याद रहे KGMU में 'लव जिहाद / धर्मांतरण' और उत्पीड़न का मामला पिछले दिसंबर 2025 में सामने आया था। KGMU की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने सहकर्मी पर जबरन धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न का आरोप लगाया। इस मामले में अपर्णा यादव, जो उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं, ने पीड़िता को न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए केजीएमयू प्रशासन और कुलपति पर गंभीर सवाल उठाए। वह बिना पूर्व सूचना समर्थकों के साथ केजीएमयू पहुंचीं, जहां हंगामे और तोड़फोड़ के आरोप लगे।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दी, जबकि अपर्णा यादव ने इसे महिला अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। मामला आगे चलकर प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद बन गया था। पति प्रतीक यादव की तलाक वाली पोस्ट को इस मामले से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। अपर्णा यादव के खिलाफ ये पोस्ट साजिश होने का भी दावा जा रहा है।
सपा छोड़ भाजपा में क्यों शामिल हुईं थीं अपर्णा यादव?
याद रहे अपर्णा यादव वर्तमान समय में यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले सपा में थी और 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव भी लड़ी थी। चुनाव में हारने के बाद भी वो अपने क्षेत्र में समाजसेवा का काम करती रही लेकिन सपा में उन्हें दरकिनार किए जाने के बाद नाराज होकर 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपर्णा यादव भाजपा में शामिल हो गई थीं।
उत्तराखंड के बिष्ट राजपूत समुदाय से ताल्लुक रखने वाली अपर्णा यादव के बारे में कहां जाता है सीएम योगी आदित्यनाथ की बदौलत उन्हें भाजपा में एंट्री मिली। भाजपा में शामिल होने के बाद से अपर्णा यादव सीएम योगी को हर रक्षाबंधन में राखी बांधती हैं।












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